नयी दिल्ली, 04 सितंबर (कड़वा सत्य) उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को अपने उस फैसले को टालने पर सहमति जताई, जिसमें कहा गया था कि सुनवाई के दौरान अदालत में शारीरिक रूप से या ऑनलाइन मौजूद रहने वाले अधिवक्ता ही अदालत के रिकॉर्ड में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं।
न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कपिल सिब्बल के विशेष उल्लेख कर मुद्दे को सुलझाने के गुहार पर 29 अगस्त को पारित अपने आदेश को टालने पर सहमति जताई। पीठ ने आदेश को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं की उपस्थिति संबंधी अपने आदेश पर लगाई रोक


भगवंत मान सरकार ने ठेके पर कार्यरत सफाई सेवकों और सीवरमैन का मासिक मानदेय बढ़ाकर 20,500 रूपये किया: हरजोत सिंह बैंस

भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत 6 महीनों में 14,032 मरीज़ों को साँस संबंधी बीमारियों का कैशलेस उपचार उपलब्ध, ₹37.30 करोड़ के उपचार का ख़र्च कवर

पंजाब स्कूल शिक्षा में देश का अग्रणी राज्य बना: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

