पेरिस 07 सितंबर (कड़वा सत्य) भारतीय एथलीट होकाटो सेमा ने पहली बार पैरालंपिक खेलों में भाग लेते हुए पुरुषों की शॉटपुट एफ57 के फाइनल मुकाबले में अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।
नागालैंड के रहने वाले एथलीट होकाटो सेमा ने शुक्रवार देर रात खेले गये गोला फेंक मुकाबले मे 14.65 मीटर के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे और कांस्य पदक अपने नाम किया। इसके साथ पैरालंपिक में छह स्वर्ण, नौ रजत, 12 कांस्य के साथ भारत के पदकों की संख्या 27 हो गई है।
इस स्पर्धा में ईरान के यासिन कोसावनी ने 15.96 मीटर थ्रो के साथ स्वर्ण पदक और वहीं थिएगो पॉलिनो ने 15.06 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक मिला।
24 दिसंबर 1983 को जन्में होकाटो सेमा नागालैंड के किसान परिवार से आते है। वह सेना में थे और वर्ष 2002 में जम्मू कश्मीर के चौकीबल में आंतकवाद विरोधी अभियान में होकाटो सेमा ने भाग लिया। इस दौरान बारूदी सुरंग में विस्फोट उन्हें अपना बायां पैर गवांना पड़ा। पैर गवांने के बाद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कई चुनौतियों के बावजूद उन्होंने 2016 में पैरा एथलीट बनने की ओर रूख किया।
सेमा ने एशियाई पैरा खेल 2022 (2023) कांस्य पदक, विश्व चैम्पियनशिप 2024 में चौथा स्थान पर रहे और
मोरक्को ग्रैंड प्रिक्स 2022 में रजत पदक जीता।
कड़वा सत्य
सेमा ने शॉटपुट स्पर्धा में जीता कांस्य पदक


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