बिहार

अररिया: स्कूल में मोबाइल चलाना और फर्जी हाजिरी पड़ी महंगी, 3 शिक्षक निलंबित, 2 का वेतन रोका

अररिया के नरपतगंज में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 शिक्षकों को निलंबित किया और 2 का वेतन रोका। जानें क्या था पूरा मामला।

Sonu Nigam· 2 Nov, 6:32 PM · 2 मिनट
अररिया: स्कूल में मोबाइल चलाना और फर्जी हाजिरी पड़ी महंगी, 3 शिक्षक निलंबित, 2 का वेतन रोका

बिहार के अररिया जिले में शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने और स्कूलों में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। नरपतगंज प्रखंड के चकरदाहा प्राथमिक विद्यालय में भारी लापरवाही और अनियमितताएं पाए जाने के बाद विभाग ने सोमवार को पांच शिक्षकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में तीन शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि दो अन्य शिक्षकों के वेतन पर रोक लगा दी गई है।

पूरा मामला जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) द्वारा 23 अक्टूबर को किए गए एक औचक निरीक्षण से जुड़ा है। निरीक्षण के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि उपस्थिति पंजी (अटेंडेंस रजिस्टर) में तो शिक्षकों के हस्ताक्षर थे, लेकिन वे वास्तव में स्कूल से गायब थे। इस फर्जीवाड़े में विशिष्ट शिक्षिका राखी कुमारी और विशिष्ट शिक्षक निशांत कुमार का नाम सामने आया। जब उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया, तो उनका जवाब संतोषजनक नहीं मिला, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया।

गबन और अनुशासनहीनता का मामला

कार्रवाई की गाज विद्यालय की प्रधान शिक्षिका सुषमा कुमारी पर भी गिरी है। उन पर मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) योजना में वित्तीय अनियमितता और गबन के गंभीर आरोप हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने छात्रों की संख्या कागजों में बढ़ाकर योजना की राशि का दुरुपयोग किया और प्रशासनिक कार्यों में घोर लापरवाही बरती। इन गंभीर आरोपों के चलते उन्हें भी निलंबित कर विभागीय जांच के दायरे में लाया गया है।

वहीं, दो अन्य विशिष्ट शिक्षक कौशल कौशिक और पंकज कुमार यादव एक अलग ही लापरवाही में पकड़े गए। निरीक्षण के दौरान ये दोनों शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के बजाय स्कूल परिसर में बैठकर मोबाइल चलाने में व्यस्त थे, जबकि छात्र इधर-उधर घूम रहे थे। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए विभाग ने फिलहाल इन दोनों का वेतन अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है और इनके खिलाफ आरोप पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

निलंबित किए गए तीनों शिक्षकों का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, नरपतगंज निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। शिक्षा विभाग की इस सख्त कार्रवाई से जिले के अन्य शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है।

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