बिहार

औरंगाबाद: सॉफ्टवेयर से तय हुई पंचायत सचिवों की पोस्टिंग, डीएम ने ensured पारदर्शिता

औरंगाबाद जिला प्रशासन ने पारदर्शिता लाने के लिए सॉफ्टवेयर के जरिए पंचायत सचिवों की पोस्टिंग की। डीएम अभिलाषा शर्मा ने पूरी प्रक्रिया की निगरानी की।

Sonu Nigam· 5 Nov, 5:43 PM · 1 मिनट
औरंगाबाद: सॉफ्टवेयर से तय हुई पंचायत सचिवों की पोस्टिंग, डीएम ने ensured पारदर्शिता

बिहार के औरंगाबाद जिले में प्रशासनिक कामकाज को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए एक नई पहल की गई है। जिला प्रशासन ने गुरुवार को औरंगाबाद पंचायत सचिव पोस्टिंग के लिए सॉफ्टवेयर आधारित रैंडमाइजेशन प्रक्रिया का सहारा लिया। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य पोस्टिंग प्रक्रिया में किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप को रोकना और इसे पूरी तरह से पारदर्शी बनाना था।

जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की सीधी निगरानी में यह पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। प्रशासन का मानना है कि जब सॉफ्टवेयर के जरिए रैंडमाइजेशन (यादृच्छिक चयन) किया जाता है, तो मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश खत्म हो जाती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि पंचायत सचिवों का गांवों में आवंटन पूरी तरह से नियमों के अनुसार और निष्पक्ष हो।

सुशासन और तकनीक पर जोर

इस नई व्यवस्था पर बात करते हुए जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुशासन के सिद्धांतों का पालन करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के हर कार्य में ईमानदारी और विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है, और इसी दिशा में तकनीक का उपयोग एक प्रभावी कदम है।

जिला प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, इस तकनीकी दृष्टिकोण को इसलिए अपनाया गया ताकि चयन प्रक्रिया की अखंडता बनी रहे। प्रशासन का लक्ष्य है कि भविष्य में भी सभी प्रशासनिक कार्यों में तकनीक को बढ़ावा दिया जाए, ताकि आम जनता और कर्मचारियों के बीच व्यवस्था के प्रति भरोसा और मजबूत हो सके।

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