बिहार

बिहार में शिक्षकों के लिए 'नो जींस' नियम का समर्थन, BRS नेता बोले- शिक्षक हैं रोल मॉडल

बिहार शिक्षा विभाग ने स्कूलों में जींस-टीशर्ट और डीजे पर लगाया बैन। बीआरएस नेता सुंदर राज यादव ने इस फैसले का स्वागत करते हुए बताया क्यों यह जरूरी है।

Sonu Nigam· 7 Nov, 11:34 AM · 2 मिनट
बिहार में शिक्षकों के लिए 'नो जींस' नियम का समर्थन, BRS नेता बोले- शिक्षक हैं रोल मॉडल

बिहार शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए जींस और टी-शर्ट पहनने पर लगाई गई रोक अब चर्चा का विषय बन गई है। इस फैसले का समर्थन करते हुए भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेता सुंदर राज यादव ने कहा है कि स्कूलों में शिक्षकों का एक औपचारिक ड्रेस कोड होना बेहद जरूरी है। उन्होंने इस कदम की सराहना करते हुए इसे छात्रों के भविष्य और अनुशासन के लिए सही बताया है।

सुंदर राज यादव ने इस मुद्दे पर अपनी राय साझा करते हुए कहा कि स्कूल सीखने के मंदिर होते हैं और वहां शिक्षकों का व्यक्तित्व और पहनावा छात्रों पर गहरा प्रभाव डालता है। उनके मुताबिक, शिक्षक बच्चों के लिए रोल मॉडल होते हैं, इसलिए उनकी गरिमा उनके कपड़ों से भी झलकनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय संस्कृति में माता-पिता के बाद शिक्षक का स्थान सबसे ऊंचा होता है, ऐसे में जींस और टी-शर्ट जैसे कैजुअल कपड़ों के बजाय फॉर्मल ड्रेस कोड बच्चों पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा।

स्कूलों में डीजे और अश्लील कार्यक्रमों पर भी लगी रोक

बिहार शिक्षा विभाग ने 30 अक्टूबर को जारी अपने आधिकारिक नोटिस में न केवल पहनावे, बल्कि स्कूलों के माहौल को लेकर भी कड़े निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूल परिसर में ड्यूटी के दौरान शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को जींस और टी-शर्ट जैसे कैजुअल कपड़े पहनने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

सिर्फ कपड़ों तक ही बात सीमित नहीं है, विभाग ने स्कूल परिसर में डीजे सिस्टम, डिस्को परफॉर्मेंस और निम्न स्तर के मनोरंजन कार्यक्रमों पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश में कहा गया है कि सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल उन्हीं अवसरों पर होंगे जो आधिकारिक शैक्षणिक कैलेंडर में निर्धारित हैं। विभाग का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में अनुशासन बनाए रखना और शिक्षा के अनुकूल गरिमापूर्ण वातावरण तैयार करना है।

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