बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर मतदान , मैदान में कुल 150 उम्मीदवार

बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज है। राज्य की विधान परिषद की आठ महत्वपूर्ण सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होने जा रहा है। इस चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं और बुधवार शाम होते ही चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा। हालांकि सीटों की संख्या सीमित है, लेकिन इन चुनावों के राजनीतिक मायने काफी गहरे माने जा रहे हैं, जिससे सभी प्रमुख दलों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं।
इन आठ सीटों में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी के साथ-साथ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की पटना, दरभंगा, सारण और तिरहुत सीटें शामिल हैं। चुनाव के मैदान में कुल 150 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनमें स्नातक सीटों के लिए 90 और शिक्षक सीटों के लिए 60 प्रत्याशी शामिल हैं।
राजनीतिक समीकरण और उम्मीदवारों की जंग
इस चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के लिए 'अनंत सिंह फैक्टर' चर्चा का केंद्र बना हुआ है। उनके प्रभाव को लेकर गठबंधन के अंदर और बाहर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, महागठबंधन के लिए चुनौती अलग है, जहां राजद और कांग्रेस के बीच सीटों और प्रभाव को लेकर खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं। इसके अलावा, कई निर्दलीय उम्मीदवार भी कड़े मुकाबले का दावा कर रहे हैं।
मतदान की पूरी तैयारी कर ली गई है। राज्य में कुल 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां 5,32,847 मतदाता अपने वोट डालेंगे। आंकड़ों पर नजर डालें तो स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों पर 4,92,594 मतदाता हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों पर 40,253 मतदाता मतदान करेंगे।
प्रशासनिक स्तर पर मतदान केंद्रों का बंटवारा इस प्रकार है:
- स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (598 केंद्र): पटना में 134, कोसी में 181, तिरहुत में 145 और दरभंगा में 138 केंद्र।
- शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (335 केंद्र): पटना में 80, तिरहुत में 58, दरभंगा में 99 और सारण में 98 केंद्र।
सभी निर्वाचन क्षेत्रों में प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। 23 अक्टूबर को वोटिंग पूरी होने के बाद, 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी, जिसके बाद यह साफ होगा कि बिहार की इन सीटों पर किसका कब्जा रहा।