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दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम के लिए सख्त नियम लागू, AI से होगी निगरानी

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए AI निगरानी, बाहरी वाहनों पर प्रतिबंध और वर्क फ्रॉम होम जैसे कड़े कदम उठाए हैं।

Sonu Nigam· 1 Nov, 1:52 PM · 2 मिनट
दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम के लिए सख्त नियम लागू, AI से होगी निगरानी

राजधानी दिल्ली में सर्दियों के दौरान बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बेहद कड़े कदम उठाए हैं, जो 1 नवंबर 2026 से लागू हो चुके हैं। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण के स्रोतों पर लगाम लगाना है ताकि शहरवासियों को जहरीली हवा से राहत मिल सके।

प्रशासन ने इस बार तकनीक का सहारा लिया है। अब शहर और उसके बॉर्डर पॉइंट्स पर 24 घंटे नजर रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स (ICCC) और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन प्रणालियों की मदद से नियमों का उल्लंघन करने वालों को तुरंत पकड़ा जाएगा। इस पूरी मुहिम की जिम्मेदारी दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और नगर निगमों की विशेष टीमों को सौंपी गई है।

बाहरी वाहनों पर प्रतिबंध और वर्क फ्रॉम होम का आदेश

प्रदूषण रोकने के लिए सरकार ने वाहनों और निर्माण कार्यों पर सख्त पाबंदियां लगाई हैं, जो 31 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेंगी। मुख्य नियम इस प्रकार हैं:

  • बाहरी वाहनों पर रोक: दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड ऐसे पेट्रोल और डीजल वाहन जो BS-VI मानक के नहीं हैं, उन्हें दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसमें NCR के वाहन भी शामिल हैं। हालांकि, CNG, इलेक्ट्रिक और आपातकालीन वाहनों (जैसे एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड) को इससे छूट दी गई है।
  • ईंधन बिक्री पर सख्ती: 'नो PUC, नो फ्यूल' नियम को सख्ती से लागू किया गया है। बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUCC) के किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं दिया जाएगा।
  • ऑफिस और निर्माण कार्य: निजी और सरकारी दफ्तरों के लिए 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, जरूरी सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को छोड़कर सभी बाहरी निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर 31 जनवरी तक रोक लगा दी गई है।
  • पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी: निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए अधिकृत पार्किंग स्थलों पर शुल्क दोगुना कर दिया गया है, जो 28 फरवरी तक लागू रहेगा। हालांकि, DMRC द्वारा संचालित पार्किंग पर यह नियम लागू नहीं होगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी नागरिकों, वाहन मालिकों और संस्था प्रमुखों से अपील की है कि वे इन नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदूषण को जड़ से खत्म करने के लिए सभी का सहयोग अनिवार्य है।

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