राजनीति

CEC के महाभियोग की मांग पर एकजुट हुए विपक्षी दल, दुरई वैको ने कहा- यह लोकतंत्र की हत्या है

रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली में एमडीएमके सांसद दुरई वैको ने मुख्य चुनाव आयुक्त के महाभियोग की मांग की और इसे लोकतंत्र की हत्या बताया।

Sonu Nigam· 1 Nov, 1:51 PM · 2 मिनट
CEC के महाभियोग की मांग पर एकजुट हुए विपक्षी दल, दुरई वैको ने कहा- यह लोकतंत्र की हत्या है

देश की राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की मेगा रैली में विपक्षी दलों ने सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर हमला बोला। इस दौरान एमडीएमके (MDMK) सांसद दुरई वैको ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के महाभियोग की मांग को लेकर विपक्षी दलों की एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के करीब 13 करोड़ मतदाताओं ने अपने वोट देने का अधिकार खो दिया है, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है।

रैली को संबोधित करते हुए दुरई वैको ने कहा कि कश्मीर से लेकर तमिलनाडु तक, भाजपा और उसके सहयोगियों को छोड़कर सभी राजनीतिक दल, नागरिक समाज के सदस्य और छात्र इस एक मांग पर एकजुट हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि वोट देने का अधिकार खोना सब कुछ खोने के समान है। वैको के मुताबिक, अगर आज मतदान का अधिकार छीना गया, तो आने वाले समय में शिक्षा, रोजगार और धर्म के पालन का अधिकार भी खतरे में पड़ जाएगा।

विपक्ष का हमला और भाजपा का पलटवार

इस रैली में कांग्रेस नेता अधी रंजन चौधरी ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की छवि खराब करने की आदत हो गई है और उनका रवैया संकीर्ण है। वहीं, दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के मंत्री और भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह चौधरी ने INDIA गठबंधन की इस रैली की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व देश में अराजकता फैलाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।

दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इस 'चलो दिल्ली' विरोध मार्च में विपक्षी खेमे की पूरी ताकत नजर आई। इसमें मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, हेमंत सोरेन, रेवंत रेड्डी और तेजस्वी यादव जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए। सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 10,000 जवानों को तैनात किया गया था और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी गई।

दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन विपक्षी दल अपनी रैली कर रहे थे, उसी दिन भाजपा ने भी पश्चिम दिल्ली में 1984 के सिख विरोधी दंगों की याद में एक मार्च निकाला। भाजपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने हिंसा की बरसी के दिन राजनीतिक रैली का आयोजन किया। भाजपा के इस मार्च का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने किया।

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