वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप: पदक जीतकर लौटीं नीलम और तनु, दिल्ली एयरपोर्ट पर हुआ जोरदार स्वागत
वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली नीलम सिरोही और तनु शर्मा दिल्ली लौटीं। जानें उनकी जीत और भविष्य के लक्ष्यों के बारे में।

देश की बेटियों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का तिरंगा लहराया है। 2026 सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर पदक जीतने वाली भारतीय पहलवान नीलम सिरोही और तनु शर्मा रविवार को जब दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचीं, तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। देश के लिए पदक जीतने की खुशी दोनों पहलवानों के चेहरों पर साफ झलक रही थी।
नीलम सिरोही ने महिलाओं की 50 किग्रा श्रेणी में रजत पदक (सिल्वर मेडल) अपने नाम किया। अपनी इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए नीलम ने कहा कि वह शब्दों में बयां नहीं कर सकतीं कि देश के लिए पदक जीतना उनके लिए क्या मायने रखता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फाइनल मुकाबले में कंधे की हल्की चोट के कारण वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाईं, वरना नतीजा कुछ और हो सकता था।
नीलम का सफर काफी चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने बेलारूस की नताल्या वराकिना को 6-0 से हराया और फिर सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की जेनेप बायनोवा को 7-3 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में उनका सामना जापान की पूर्व ओलंपिक चैंपियन यूई सुसाकी से हुआ, जिनसे वह हार गईं। अब नीलम का पूरा ध्यान ओलंपिक क्वालीफायर पर है।
तनु शर्मा की भावनात्मक जीत और संघर्ष
वहीं, तनु शर्मा ने महिलाओं की 72 किग्रा श्रेणी में कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) जीतकर देश का मान बढ़ाया। तनु ने पदक मुकाबले में अमेरिका की मौजूदा पैन अमेरिकन चैंपियन प्रेशियस बेल को 9-5 से हराकर यह सफलता हासिल की। तनु ने अपनी जीत को बेहद भावुक पल बताया और कहा कि यह पदक सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे देश का है।
मैच के बारे में बात करते हुए तनु ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने 3-0 की बढ़त बना ली थी, लेकिन बीच में वह डिफेंसिव हो गईं जिससे विपक्षी खिलाड़ी को दो अंक मिल गए। इसके बाद उन्होंने दोबारा आक्रामक रुख अपनाया और अपनी बढ़त बरकरार रखते हुए जीत दर्ज की।
इस चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों का दबदबा रहा और कुल चार पदक जीते। मनीषा भनवाला ने 59 किग्रा श्रेणी में स्वर्ण पदक जीता, जबकि काजल धोचक और नीलम सिरोही ने रजत पदक हासिल किए। तनु शर्मा ने कांस्य पदक जीतकर भारत की पदक तालिका में योगदान दिया।