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दिल्ली-NCR में हवा हुई जहरीली, AQI 'खराब' होने पर GRAP-1 के कड़े नियम लागू

Sonu Nigam· 21 Oct, 5:17 PM · 2 मिनट
दिल्ली-NCR में हवा हुई जहरीली, AQI 'खराब' होने पर GRAP-1 के कड़े नियम लागू

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में एक बार फिर प्रदूषण का साया गहरा गया है। हवा की गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज होने के बाद प्रशासन ने 21 अक्टूबर, 2026 से 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP-1) के पहले चरण को आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने यह कदम तब उठाया जब दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) तेजी से बढ़ा और 'मध्यम' श्रेणी से निकलकर 'खराब' श्रेणी में पहुंच गया।

आंकड़ों की बात करें तो 20 अक्टूबर को AQI 179 था, लेकिन 21 अक्टूबर की दोपहर 2:00 बजे तक यह बढ़कर 244 हो गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सुबह 9:00 बजे ही AQI 233 पहुंच चुका था, जिसके बाद तुरंत GRAP-1 के दिशा-निर्देश जारी किए गए। यह नियम तब लागू होते हैं जब AQI 201 से 300 के बीच होता है।

निर्माण कार्य और वाहनों पर सख्त पाबंदी

प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कई कड़े कदम उठाए हैं, जिनका पालन न करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। मुख्य प्रतिबंध इस प्रकार हैं:

  • निर्माण कार्य: 500 वर्ग मीटर से अधिक के निर्माण और विध्वंस स्थलों को अब एक समर्पित वेब पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। साथ ही, धूल रोकने के कड़े उपायों का पालन करना होगा।
  • खान-पान: होटलों, रेस्टोरेंट और खुले भोजनालयों में तंदूर के लिए कोयले या लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अब केवल बिजली या गैस आधारित उपकरणों का ही उपयोग किया जा सकेगा।
  • सफाई और कचरा: सड़कों पर मशीनीकृत सफाई और पानी का छिड़काव बढ़ाया गया है। कूड़ा या सूखे पत्तों को खुले में जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
  • परिवहन नियम: अंतरराज्यीय यात्रा के लिए केवल BS-VI डीजल, CNG और इलेक्ट्रिक बसों की अनुमति होगी। डीजल जनरेटर का उपयोग केवल आपातकालीन स्थिति में ही किया जा सकेगा।
  • PUCC अनिवार्य: सभी वाहन चालकों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) होना जरूरी है। पेट्रोल पंपों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना PUCC वाले वाहनों में ईंधन न भरें। बिना सर्टिफिकेट के गाड़ी चलाने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

पर्यावरण, वन और वन्यजीव मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने पुष्टि की है कि संशोधित GRAP शेड्यूल को लागू किया गया है ताकि प्रदूषण को और बढ़ने से पहले ही रोका जा सके। गुरुग्राम नगर निगम सहित अन्य क्षेत्रीय निकायों ने पानी के छिड़काव और नियमों के पालन के लिए विशेष टीमें तैनात कर दी हैं।

मौसम विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के पूर्वानुमान बताते हैं कि आने वाले कुछ दिनों तक हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में ही रहने की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे रेड लाइट पर इंजन बंद रखें, इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दें और प्रदूषण फैलाने वालों की शिकायत '311', 'ग्रीन दिल्ली' या 'समीर' ऐप के माध्यम से करें।

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