भारत-स्पेन सांस्कृतिक महोत्सव 2026: दिल्ली में गूंजी दोस्ती की गूंज, पेश किया खास जाइरोप्लेन
दिल्ली में आयोजित भारत-स्पेन सांस्कृतिक महोत्सव 2026 में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दोनों देशों के रिश्तों और नई तकनीक पर जोर दिया।

देश की राजधानी दिल्ली के 'द ग्रैंड' होटल में 5 नवंबर को एक शानदार आयोजन हुआ, जहां भारत और स्पेन के बीच गहरे होते रिश्तों की झलक देखने को मिली। भारत-स्पेन सांस्कृतिक महोत्सव 2026 में केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। यह आयोजन केवल कला और संस्कृति का संगम नहीं था, बल्कि भारत और स्पेन के बीच राजनयिक संबंधों के 70 साल पूरे होने का एक बड़ा जश्न था, जिसे 'भारत-स्पेन डुअल ईयर 2026' के हिस्से के रूप में मनाया गया।
इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन नॉर्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NEIFT) द्वारा किया गया, जिसकी कमान फेस्टिवल डायरेक्टर विक्रम राय मेधी के हाथों में थी। कार्यक्रम में भारत-स्पेन संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए कई दिग्गज मौजूद रहे, जिनमें स्पेन में भारत के राजदूत जयंत एन. खोबरागड़े और भारत में स्पेनिश दूतावास के डिप्टी हेड ऑफ मिशन अल्वारो गार्सिया मोरेनो शामिल थे। इसके अलावा कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और बिजनेस लीडर्स ने भी इस मौके पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
तकनीक और संस्कृति का संगम: पेश किया DiamondFly 4
इस महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण रहा आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन। कार्यक्रम के दौरान एयरो जाइरोकॉप्टर स्पेन एस.ए. द्वारा विकसित DiamondFly 4 (DF4) जाइरोप्लेन को पेश किया गया। यह तीन सीटों वाला एक मल्टी-मिशन विमान है, जिसे विशेष रूप से विमानन क्षेत्र में सुलभता और आर्थिक दक्षता बढ़ाने के लिए बनाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि यह जाइरोप्लेन भारत के लिए कई मायनों में गेम-चेंजर साबित हो सकता है। इसके फायदों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई:
- पर्यटन और तीर्थयात्रा: दुर्गम इलाकों में पर्यटन और श्रद्धालुओं की पहुंच आसान होगी।
- आपातकालीन सेवाएं: मेडिकल इमरजेंसी और रेस्क्यू ऑपरेशन्स में यह विमान बेहद कारगर होगा।
- निगरानी: कृषि क्षेत्र और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) की निगरानी के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।
- सुरक्षा और लागत: इसमें 'ऑटोरोटेशन सेफ्टी सिस्टम' है और यह बहुत कम दूरी में उड़ान भरने और उतरने में सक्षम है। साथ ही, इसकी परिचालन लागत भी काफी कम है, जो लगभग 100 यूरो प्रति उड़ान घंटा अनुमानित है।
कुल मिलाकर, यह महोत्सव सांस्कृतिक कूटनीति का एक बेहतरीन उदाहरण रहा, जिसने पारंपरिक विरासत और भविष्य की आधुनिक तकनीक को एक मंच पर लाकर भारत और स्पेन के बीच के सेतु को और मजबूत किया है।