दिल्ली एनसीआर

कोहरे का कहर: किशनगंज-दिल्ली रूट पर ट्रेनें घंटों लेट, यात्री स्टेशनों पर परेशान

घने कोहरे और स्मॉग के कारण किशनगंज-दिल्ली रूट पर ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। रेलवे ने सुरक्षा के लिए FSD डिवाइस लगाए हैं।

Sonu Nigam· 4 Nov, 12:32 PM · 1 मिनट
कोहरे का कहर: किशनगंज-दिल्ली रूट पर ट्रेनें घंटों लेट, यात्री स्टेशनों पर परेशान

सर्दियों की दस्तक के साथ ही उत्तर भारत में स्मॉग और घने कोहरे ने दस्तक दे दी है, जिसका सीधा असर रेल यातायात पर दिख रहा है। किशनगंज-दिल्ली ट्रेन देरी की समस्या अब यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। इस रूट पर चलने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे पीछे चल रही हैं, जिसकी वजह से स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो रही है और उन्हें लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।

खराब विजिबिलिटी (दृश्यता) के कारण लोको पायलटों को ट्रेन चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे सुरक्षा की दृष्टि से ट्रेनों की रफ्तार कम कर दी गई है। इस स्थिति से निपटने के लिए भारतीय रेलवे ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। लोकोमोटिव्स में जीपीएस-आधारित 'फॉग सेफ डिवाइसेस' (FSD) लगाए गए हैं, जो कम विजिबिलिटी के दौरान लोको पायलटों की मदद करते हैं ताकि सफर सुरक्षित रहे।

भविष्य की तैयारी और यात्रियों के लिए सलाह

रेलवे प्रशासन केवल वर्तमान समस्या को ही नहीं देख रहा, बल्कि आने वाले समय के लिए भी योजना बना रहा है। अधिकारियों के अनुसार, 2026-2027 के विंटर सीजन के लिए पहले से तैयारी की जा रही है। दिसंबर 2026 से फरवरी 2027 के बीच नेटवर्क में होने वाली देरी को कम करने के लिए कुछ ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बदलने या चुनिंदा सेवाओं को रद्द करने पर विचार किया जा रहा है।

फिलहाल, रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्टेशन निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक करें। यात्री नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) या भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए रियल-टाइम अपडेट ले सकते हैं, ताकि उन्हें स्टेशन पर अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।

यह ख़बर दोस्तों तक पहुँचाएँ
शेयर करें

Comments

Leave a comment