दुनिया कर रही भारत से व्यापार समझौते की उम्मीद, पीयूष गोयल ने बताया वजह
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की आर्थिक ताकत और भरोसे के कारण दुनिया भर के देश अब भारत के साथ ट्रेड डील करना चाहते हैं।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि आज दुनिया के लगभग हर क्षेत्र के देश भारत के साथ व्यापार समझौते (Trade Agreements) करने के लिए उत्सुक हैं। नई दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज में 'यंग लीडर्स डिस्कोर्स फोरम' को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि भारत ने अपनी बढ़ती आर्थिक शक्ति और प्रमुख क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं के दम पर पूरी दुनिया का भरोसा जीता है।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत अब एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभरा है, जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देशों की दिलचस्पी भारत के साथ ट्रेड डील करने में बढ़ी है। उन्होंने बताया कि भारत अपने प्रमुख निर्यात क्षेत्रों जैसे कि कपड़ा, फार्मास्यूटिकल्स, फुटवियर, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण और समुद्री उत्पादों के लिए आक्रामक तरीके से 'प्रिफरेंशियल मार्केट एक्सेस' यानी विशेष बाजार पहुंच हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
निर्यात में उछाल और 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य
भारत के निर्यात प्रदर्शन पर चर्चा करते हुए पीयूष गोयल ने कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि अप्रैल से सितंबर की अवधि के दौरान भारत का निर्यात सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़कर 480 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। उन्हें उम्मीद है कि साल के बाकी छह महीनों में 520 अरब डॉलर का निर्यात और होगा, जिससे चालू वित्त वर्ष में कुल निर्यात 1 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को छू लेगा।
व्यापार वार्ताओं के तरीके को समझाते हुए उन्होंने कहा कि भारत दो स्तरों पर काम कर रहा है। पहला है 'ऑफेंसिव सेक्टर', जिसमें कपड़ा, प्रोसेस्ड फूड और समुद्री उत्पाद जैसे क्षेत्र शामिल हैं। भारत का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि इन उत्पादों पर लगने वाली आयात ड्यूटी अन्य प्रतिस्पर्धी देशों जैसे चीन, वियतनाम, मलेशिया और इंडोनेशिया की तुलना में कम हो, ताकि भारतीय सामान वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकें।
मंत्री ने इस बात का भी जिक्र किया कि फार्मास्यूटिकल्स में भारत की मजबूती के कारण उसे 'दुनिया की फार्मेसी' कहा जाता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकटों के दौरान भारत ने जिस तरह दुनिया की मदद की, उसने भारत की छवि एक विश्वसनीय साथी के रूप में और मजबूत की है। आज दुनिया न केवल भारत की प्रतिभा और क्षमताओं को पहचानती है, बल्कि यह भी याद रखती है कि मुश्किल समय में भारत उनके काम आया।