जागृति को मिलन न्याय गौशाला की दीवार गिराने वाले जूनियर इंजीनियर हुए सस्पेंड
दिल्ली के कांजहवाला में गौशाला की दीवारें गिराने के मामले में एमसीडी ने जूनियर इंजीनियर विकास कुमार गुप्ता को सस्पेंड कर दिया है।

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग) विकास कुमार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। यह कदम कांजहवाला के निजमपुर गांव में एक पशु कल्याण आश्रय (गौशाला) की बाउंड्री वॉल को अवैध रूप से ढहाए जाने के बाद उठाया गया है। यह घटना पिछले शुक्रवार, 24 अक्टूबर को हुई थी, जिसने प्रशासन में हड़कंप मचा दिया।
मामले की शुरुआत तब हुई जब गौशाला की मालकिन और पशु अधिकार कार्यकर्ता जागृति मिश्रा ने गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि कुछ स्थानीय लोगों ने, जो खुद को एक स्थानीय पार्षद से जुड़ा बता रहे थे, उन्हें गौशाला बनाने से रोकने के लिए धमकाया। आरोप है कि जूनियर इंजीनियर के निर्देशों पर ही इस तोड़फोड़ को अंजाम दिया गया। इस विवाद के बीच आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह ने भी जागृति मिश्रा से मुलाकात की और स्पष्ट किया कि इस पूरी घटना या किसी कथित रिश्वतखोरी में पार्टी का कोई हाथ नहीं है।
CM ने दिया 5 लाख का मुआवजा, दोषियों पर होगी FIR
रविवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीड़ित जागृति मिश्रा से मुलाकात कर उनकी शिकायतें सुनीं। मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जूनियर इंजीनियर के आचरण की औपचारिक जांच के आदेश दिए हैं और पुलिस को निर्देश दिए हैं कि तोड़फोड़ में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। साथ ही, मुख्यमंत्री ने पीड़ित को आर्थिक मदद देते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपये देने का आश्वासन दिया है।
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जिला मजिस्ट्रेट अब जागृति मिश्रा को पशु आश्रय स्थापित करने में पूरी सहायता प्रदान करेंगे। वहीं, सस्पेंशन ऑर्डर के मुताबिक, विकास कुमार गुप्ता को निलंबन अवधि के दौरान सुपरिटेंडिंग इंजीनियर (आउटर नॉर्थ जोन) के कार्यालय में तैनात रहना होगा। वह बिना आधिकारिक अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि प्रशासन ईमानदारी से काम करने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह के कदाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।