हिंसा और फायरिंग की अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस का सख्त एक्शन, केस दर्ज
नोएडा में सांप्रदायिक हिंसा और फायरिंग की अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है। सेक्टर-126 थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

उत्तर प्रदेश के नोएडा में सांप्रदायिक हिंसा और फायरिंग की झूठी खबरें फैलाने वालों की अब खैर नहीं है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे उन दावों को गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें शहर में तनाव और मौतों की बात कही गई थी। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भ्रामक जानकारी साझा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें दावा किया गया था कि नोएडा में एक जामिया मस्जिद के ढहाए जाने को लेकर विवाद हुआ है, जिसने हिंसक रूप ले लिया है। पोस्ट में फायरिंग होने और लोगों की मौत होने जैसी बेहद संवेदनशील और डराने वाली बातें लिखी गई थीं। जैसे ही यह खबर फैली, इलाके में तनाव की स्थिति बन सकती थी, जिसे भांपते हुए पुलिस तुरंत हरकत में आई।
धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने की साजिश पर पुलिस सख्त
नोएडा पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि शहर में किसी भी तरह की तोड़फोड़ या सांप्रदायिक टकराव की खबरें पूरी तरह से गलत और निराधार हैं। पुलिस के मुताबिक, यह केवल अफवाहें थीं जिनका मकसद शहर की शांति भंग करना था।
इस मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए सेक्टर-126 पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जिन लोगों ने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए गलत जानकारी फैलाई और धार्मिक सद्भाव को बिगाड़ने की साजिश रची, उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी अपुष्ट खबर पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे शेयर करें।