औरंगाबाद: ओबरा की धरती शनिवार सुबह एक ऐसी चीख से गूंज उठी, जिसने हर आंख को नम कर दिया। कुछ महीने पहले जिस परिवार ने घर की लक्ष्मी को खोया था, आज उसी परिवार का इकलौता चिराग सड़क हादसे में बुझ गया। एक होनहार एमबीबीएस डॉक्टर की असमय मौत ने पूरे तेजपुरा गांव को झकझोर कर रख दिया है।
मृतक 23 वर्षीय डॉ. हर्षवर्धन कुमार तेजपुरा गांव के रहने वाले थे, जो वर्तमान में डेहरी में परिवार के साथ रहते थे। वह अपने पिता डॉ. विजय चौधरी के इकलौते बेटे थे। अभी कुछ महीने पहले ही मां का साया सिर से उठा था और पिता-पुत्र दोनों उस गम से उबरने की कोशिश कर रहे थे। हर्षवर्धन ने हाल ही में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। अभी उसकी शादी भी नहीं हुई थी और डॉक्टर बनकर समाज सेवा का सपना उसकी आंखों में था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
हादसा ओबरा थाना क्षेत्र के तेजपुरा के पास पटना-बारुण मुख्य कैनाल पर हुआ। शनिवार सुबह पिता डॉ. विजय चौधरी जो नालंदा जिले के रहुई में चिकित्सा पदाधिकारी हैं, अपने इकलौते पुत्र हर्षवर्धन के साथ अल्टो कार से डेहरी से अपने पैतृक गांव तेजपुरा आ रहे थे। जैसे ही उनकी कार लख से दक्षिण कैनाल के पास पहुंची, सामने से आ रहे बेलगाम पिकअप ने सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अल्टो के परखच्चे उड़ गए और पिकअप अनियंत्रित होकर नहर की गहरी खाई में जा गिरा।
हादसे में डॉ. हर्षवर्धन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पिता डॉ. विजय गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों की सूचना पर डेहरी कैंप और ओबरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायल पिता को दाउदनगर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। थानाध्यक्ष नीतीश कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पिकअप चालक फरार है।
इकलौते पुत्र की मौत की खबर मिलते ही तेजपुरा में कोहराम मच गया। जो भी सुन रहा है, उसकी आंखें भर आ रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि फरार चालक को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाए।





