रायबरेली: नगर पालिका के दावों की हवा एक बार फिर निकल गई है। कागजों में नालों की सफाई और जलभराव से निपटने की बड़ी-बड़ी योजनाएं बनाने वाला प्रशासन जमीनी हकीकत के आगे पूरी तरह लाचार नजर आ रहा है। आलम यह है कि वार्ड नंबर-25 नयापुरवा मोहल्ला बीते दो हफ़्तों से टापू बना हुआ है। सड़कों, गलियों और लोगों के आंगनों तक सिर्फ बारिश का गंदा पानी नजर आ रहा है, जिससे तंग आकर आक्रोशित स्थानीय निवासियों ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर नारेबाजी की।

​नयापुरवा के हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं। पिछले 14 दिनों से सड़कों पर जमे बारिश के पानी और जलजमाव के कारण लोग अपने ही आशियानों में कैद होकर रह गए हैं। जल निकासी का कोई सही इंतजाम न होने से बारिश का पानी सीधे लोगों के बेडरूम और रसोई तक में आ घुसा है, जिससे लोगों का खाना पकाना और सोना तक मुहाल हो गया है। सबसे बुरा असर मासूम बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। रास्ते लबालब भरे होने और जलजनित बीमारियों के डर से परिजन बच्चों को स्कूल भेजने का जोखिम नहीं उठा पा रहे हैं।

​मोहल्ले वासियों का आरोप है कि यह कोई पहली बार की समस्या नहीं है। हर बार जब भी बारिश होती है, नयापुरवा नारकीय जिंदगी जीने को मजबूर हो जाता है। कीड़े-मकोड़ों और मच्छरों के खौफ के बीच लोग किसी तरह दिन काट रहे हैं।

​स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर बेहद गुस्सा है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। नगर पालिका की इस बेरुखी और नाकामी से उग्र हुए क्षेत्रवासियों ने सड़क पर उतरकर प्रशासन की नाकामियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। लोगों का साफ कहना है कि यदि जल्द से जल्द पंप लगाकर बारिश का पानी बाहर नहीं निकाला गया और नाली की स्थायी व्यवस्था नहीं हुई, तो वे नगर पालिका कार्यालय का घेराव करेंगे।