राजनांदगांव: धर्म नगरी डोंगरगढ़ में सोशल मीडिया पर वायरल हुए दो अलग-अलग सीसीटीवी वीडियो ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। दोनों वीडियो में कम उम्र का एक बच्चा कथित तौर पर चोरी की वारदात को अंजाम देता दिखाई दे रहा है। खास बात यह है कि दोनों घटनाएं दिन के उजाले में हुईं और दोनों में बच्चा अकेले ही वारदात को अंजाम देता नजर आता है। हालांकि, इन वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार, पहला वायरल वीडियो ट्रकों से चोरी की घटना का बताया जा रहा है। वीडियो में एक बच्चा ट्रकों के पास पहुंचता है और पहले एक ट्रक का फॉग लैंप निकालता दिखाई देता है। इसके बाद वह दूसरे ट्रक पर चढ़कर कुछ देर तक तलाश करता है और कथित तौर पर ट्रक की बैटरी निकालकर वहां से फरार हो जाता है। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड होने का दावा किया जा रहा है।
वहीं दूसरा वीडियो शहर के गोल बाजार स्थित एक जूते-चप्पल की दुकान का बताया जा रहा है। फुटेज में दुकान संचालिका आराम करती नजर आती हैं। इसी दौरान एक बच्चा पहले आसपास का जायजा लेता है और मौका मिलते ही दुकान के भीतर प्रवेश कर काउंटर के गल्ले में रखी नकदी निकालकर कुछ ही सेकंड में फरार हो जाता है। यह घटना भी सीसीटीवी कैमरे में कैद होने का दावा किया जा रहा है।
इन दोनों वायरल वीडियो के सामने आने के बाद शहर में कई सवाल उठने लगे हैं। आखिर इतनी कम उम्र के बच्चे इतनी सहजता से चोरी की घटनाओं को कैसे अंजाम दे रहे हैं? क्या वे अपने स्तर पर ऐसा कर रहे हैं या फिर उनके पीछे कोई ऐसा व्यक्ति या गिरोह सक्रिय है जो नाबालिगों का इस्तेमाल कर अपराध करवा रहा है? यदि ऐसा है तो चोरी का सामान और नकदी आखिर किसके पास पहुंच रही है?
दिनदहाड़े सामने आई इन कथित घटनाओं ने व्यापारियों, वाहन मालिकों और आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों मामलों में पुलिस में शिकायत दर्ज हुई है या नहीं। यदि शिकायत दर्ज हुई है तो पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि इन घटनाओं के पीछे केवल नाबालिग बच्चे हैं या कोई संगठित नेटवर्क
भी सक्रिय है।
फिलहाल शहरवासियों की नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई है और सभी को उम्मीद है कि जांच के बाद पूरे मामले का जल्द खुलासा होगा।





