डिंडोरी। बजाग पुलिस की वाहन जांच और कथित अवैध वसूली को लेकर उठे गंभीर सवालों पर पुलिस कप्तान ने संज्ञान लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है। ट्रक चालक द्वारा वाहन जांच की प्रक्रिया, पुलिसकर्मियों की पहचान, चालानी कार्रवाई और कथित अवैध वसूली को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद बजाग थाने में पदस्थ एक SI और एक ASI को लाइन अटैच कर दिया गया है।

बताया जा रहा है कि वाहन जांच के दौरान ट्रक चालक ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। आरोपों में वाहन जांच के नाम पर कथित रूप से अवैध राशि मांगने, पुलिसकर्मियों की पहचान और चालानी कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए। मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और पुलिस कप्तान द्वारा बजाग में पदस्थ SI और ASI को थाने से हटाकर लाइन हाजिर किया गया।

हालांकि, पुलिस अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों को फिलहाल सत्यापित तथ्य नहीं माना जा सकता। लाइन अटैच की कार्रवाई अपने आप में आरोपों की पुष्टि नहीं करती। मामले की वास्तविक स्थिति विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि वाहन जांच के दौरान आखिर मौके पर क्या हुआ था? क्या पुलिस द्वारा वाहन जांच और चालानी कार्रवाई निर्धारित नियमों के अनुसार की जा रही थी? क्या ट्रक चालक द्वारा लगाए गए अवैध वसूली के आरोपों में कोई सच्चाई है? और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो क्या जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ आगे भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी?

पुलिस कप्तान की इस कार्रवाई के बाद बजाग पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। पीड़ित द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप निश्चित तौर पर चिंता का विषय हैं। अगर जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो यह पुलिस विभाग की छवि पर गंभीर सवाल खड़े करेगा और खाकी की साख को नुकसान पहुंचाने वाला मामला माना जाएगा।फिलहाल सभी की नजर विभागीय जांच के नतीजों पर टिकी है, जिससे यह साफ होगा कि वाहन जांच के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और आरोपों की सच्चाई क्या है।