रामनगर, बाराबंकी: तहसील रामनगर क्षेत्र में घाघरा-सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहरा गया है। एल्गिन ब्रिज-संजय सेतु स्थित केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के सामने मंगलवार सुबह नौ बजे नदी का जलस्तर 106.550 मीटर दर्ज किया गया। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी पवन कुमार के अनुसार नदी खतरे के लाल निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से घाघरा नदी ने रौद्र रूप धारण करना शुरू कर दिया है और अब बाढ़ का पानी गांवों की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

तराई क्षेत्र की दर्जनों ग्राम पंचायतों में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। नाला और पुलिया के रास्ते पानी खेतों में पहुंचने से फसलें जलमग्न हो गई हैं। सूरतगंज विकासखंड के हेतमापुर, सुंदरनगर सहित कई ग्राम पंचायतों के खेतों और निचले इलाकों में पानी भर गया है। ग्रामीणों में बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ गई है। नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आसपास के अन्य गांवों में भी पानी पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह, उपजिलाधिकारी आकांक्षा गुप्ता और तहसीलदार विपुल सिंह लगातार बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायतों का निरीक्षण कर रहे हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। राजस्व टीमों को भी प्रभावित क्षेत्रों में लगाया गया है, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा सके।

प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को दोनों समय भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। राजस्व कर्मी गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं दर्ज करने के साथ ही राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।

बताया जा रहा है कि नेपाल क्षेत्र से लगातार पानी छोड़े जाने के साथ शारदा बैराज और गिरिजा बैराज से भी पानी छोड़ा जा रहा है। इससे घाघरा नदी में लगातार उफान बना हुआ है। नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन के साथ-साथ तराई क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी।