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इंडिया गठबंधन की 1 नवंबर की रैली से 20 लाख व्यापारियों की रोजी-रोटी को खतरा, CTI ने खड़गे से की टालने की मांग

CTI चेयरमैन ने मल्लिकार्जुन खड़गे से 1 नवंबर की रैली को दिवाली के बाद करने की अपील की है ताकि 20 लाख व्यापारियों का नुकसान न हो।

Sonu Nigam· 26 Oct, 5:27 PM · 2 मिनट
इंडिया गठबंधन की 1 नवंबर की रैली से 20 लाख व्यापारियों की रोजी-रोटी को खतरा, CTI ने खड़गे से की टालने की मांग

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की मेगा रैली को लेकर अब विवाद शुरू हो गया है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से अपील की है कि इस रैली की तारीख को बदलकर दिवाली के बाद किया जाए। व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों के इस सीजन में इतनी बड़ी भीड़ जमा होने से राजधानी के बाजारों में भारी नुकसान हो सकता है, जिससे करीब 20 लाख व्यापारियों की आजीविका प्रभावित होगी।

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने अपनी चिंताओं को साझा करते हुए बताया कि रामलीला मैदान के 5 किलोमीटर के दायरे में करीब 20 बड़े थोक बाजार हैं। इन बाजारों से हर दिन करोड़ों रुपये का माल देश-विदेश भेजा जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस मैदान की क्षमता केवल 50 हजार लोगों की है, वहां अगर 10 लाख लोग जुटेंगे, तो शहर का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसपोर्ट सिस्टम ठप हो जाएगा।

व्यापारियों को 10 हजार करोड़ के नुकसान का डर

बृजेश गोयल के मुताबिक, रैली के कारण पुलिस सुरक्षा के मद्देनजर बाजारों को बंद करना पड़ सकता है, मेट्रो स्टेशन बंद हो सकते हैं और जगह-जगह बैरिकेडिंग की जा सकती है। इससे उन 3 से 4 लाख ग्राहकों का आना मुश्किल हो जाएगा जो रोजाना इन बाजारों में खरीदारी के लिए आते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि पिछले 25 दिनों में शहर के व्यापार क्षेत्र को पहले ही 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है और इस रैली की वजह से यह घाटा 10,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

CTI ने इस संबंध में मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि इंडिया गठबंधन की आगामी बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर रैली को दिवाली के बाद तय किया जाए। गौरतलब है कि 6 नवंबर को धनतेरस, 8 नवंबर को दिवाली और 10 नवंबर को भाई दूज है, जो व्यापार के लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है।

इससे पहले CTI ने राहुल गांधी को भी पत्र लिखकर रैली को 10 नवंबर के बाद करने की मांग की थी। दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पटना में पत्रकारों से बात करते हुए संकेत दिया था कि उन्हें व्यापारियों की अपील मिली है और वे इस पर विचार कर जल्द ही कोई समाधान निकालेंगे, क्योंकि गठबंधन का उद्देश्य जनता का हित करना ही है।

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