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कर्नाटक में सूखे से 62,000 करोड़ का नुकसान, केंद्र से राहत मांगने दिल्ली जाएगा प्रतिनिधिमंडल

कर्नाटक के डिप्टी सीएम जी परमेश्वर ने सूखे से हुए 62,000 करोड़ के नुकसान का दावा करते हुए केंद्र से राहत पैकेज की मांग की है।

Sonu Nigam· 22 Oct, 9:20 PM · 1 मिनट
कर्नाटक में सूखे से 62,000 करोड़ का नुकसान, केंद्र से राहत मांगने दिल्ली जाएगा प्रतिनिधिमंडल

कर्नाटक में सूखे की मार ने राज्य की अर्थव्यवस्था और किसानों को भारी चोट पहुंचाई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने खुलासा किया है कि सूखे के कारण राज्य को लगभग 62,000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए अब राज्य सरकार केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता और राहत पैकेज की मांग करने की तैयारी कर रही है।

उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने बताया कि दशहरा उत्सव समाप्त होने के बाद अब सरकार प्रशासनिक फैसलों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी, जिसके बाद एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाएगा। इस प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के सामने राज्य की दुर्दशा रखना और उचित राहत राशि की मांग करना होगा।

NDRF के दिशा-निर्देशों के आधार पर होगी मांग

जी परमेश्वर ने स्पष्ट किया कि हालांकि अनुमानित नुकसान 62,000 करोड़ रुपये है, लेकिन केंद्र से पूरी राशि की मांग नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि राहत राशि की मांग NDRF (नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फंड) के तय दिशा-निर्देशों और नियमों के आधार पर की जाएगी। वर्तमान में विभाग इस बात का आकलन कर रहे हैं कि नियमों के मुताबिक केंद्र से कितनी राशि मांगी जा सकती है।

दूसरी ओर, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी दिल्ली के दौरे पर रहे, जहां उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। इस बैठक में मेकेदातु परियोजना, कस्तूरीरंगन रिपोर्ट की सिफारिशों और राज्य की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए वन एवं वन्यजीव मंजूरी पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने बताया कि केंद्र मंत्री ने इन मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाया है और लंबित मंजूरियों में तेजी लाने के लिए अंतर-मंत्रालयी विचार-विमर्श शुरू करने पर सहमति जताई है।

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