डीडवाना-कुचामन: प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार के तहत जिले के नावां क्षेत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने केंद्रों पर तालाबंदी कर उपखंड अधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम हुक्मीचंद रुलानिया को सौंपा।
ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी न्यायोचित मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर तालाबंदी जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से सरकार और विभाग के समक्ष मांगें रखी जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
आंगनबाड़ी संघ की जिलाध्यक्ष मंजू देवी ने बताया कि ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियमित कर्मचारी घोषित करने, न्यूनतम ₹26 हजार मानदेय देने, समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने, बिजली और गैस बिल का भुगतान विभाग द्वारा कराने, अन्य विभागों के कार्यों से मुक्त रखने, विद्यालयों के समान अवकाश देने, 5जी स्मार्टफोन उपलब्ध कराने, यात्रा भत्ता, सेवानिवृत्ति पर ₹10 लाख ग्रेच्युटी तथा मानदेय के आधे हिस्से के बराबर पेंशन सहित कुल 14 मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की गई है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में आंगनबाड़ी कर्मचारियों को वर्ष में केवल 11 माह का ही मानदेय मिलता है तथा प्रत्येक वर्ष फरवरी माह का भुगतान बैंक खातों में दर्ज नहीं किया जाता। इसके अलावा प्रशिक्षण के दौरान उपयोग में आने वाली टीएलएम सामग्री भी कर्मचारियों को अपने खर्च पर खरीदनी पड़ती है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
मंजू देवी ने कहा कि यदि आगामी पांच दिनों में सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो 1 अगस्त से सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और अन्य महिला कर्मचारी कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगी। साथ ही मांगें पूरी होने तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर तालाबंदी भी जारी रहेगी।





