डूंगरपुर: जिले के धम्बोला थाना क्षेत्र स्थित चित्रांश धाम गेलन परियोजना परिसर में रात के समय सोते हुए विद्यार्थियों और कर्मियों को डराने-धमकाने और पथराव करने के गंभीर मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस थाना धम्बोला ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस घटना में संलिप्त एक मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित ने जमीन के पुराने विवाद को लेकर रंजिशवश इस वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है।
घटना 12 अगस्त 2026 की रात करीब 11:15 बजे की है। विद्या भारती जनजाति समिति द्वारा संचालित चित्रांश धाम गेलन (ग्राम घोधरा) में वर्तमान में एक छात्रावास संचालित है, जहां 10 विद्यार्थी और परियोजना से जुड़े 4 कार्मिक निवास करते हैं। अज्ञात बदमाशों ने रात के सन्नाटे में भवन के पीछे से गालियां देते हुए ताबड़तोड़ पथराव शुरू कर दिया।
पत्थरबाजी इतनी तीव्र थी कि भवन के ऊपर लगे टिन शेड में छेद हो गए और जाली को भी काफी नुकसान पहुंचा। जान बचाने के लिए सोया हुआ कार्मिक भागकर अंदर आया और दरवाजा बंद कर लिया, जिसके बावजूद बदमाशों ने दरवाजे तोड़ने का प्रयास किया। इस दुस्साहसिक घटना से छात्रावास में रह रहे मासूम विद्यार्थियों और कर्मियों में भारी दहशत फैल गई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में धम्बोला थानाधिकारी चंद्रशेखर किलानिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर तकनीकी साक्ष्य जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ की।
मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने और पारंपरिक पुलिसिंग व तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध दिनेश पुत्र हकरा कटारा, निवासी गेलन (धम्बोला) को नामजद किया। घटना के बाद आरोपित अपनी सकूनत से फरार होकर अहमदाबाद मजदूरी करने चला गया था। धम्बोला पुलिस की एक टीम ने तुरंत अहमदाबाद दबिश दी और आरोपित को पकड़कर थाने लाई, जहां पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया।
जमीन का पुराना विवाद बना वजह
जांच में सामने आया कि चित्रांश धाम परियोजना की 15 बीघा भूमि पर विकास कार्य और बाउंड्री वॉल का निर्माण चल रहा है। संस्थान द्वारा पूर्व में मध्यस्थता कर आरोपित पक्ष के हित के लिए जमीन छोड़े जाने के बावजूद, दिनेश और उसके परिजनों को संस्थान द्वारा की जा रही तारबंदी और कृषि कार्य रास नहीं आ रहा था।





