बांदा: रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब डॉक्टर के आवास को चोरों ने निशाना बनाकर महंगे जेवरात समेत लाखों रुपये का सामान पार कर दिया। हैरानी की बात यह है कि जिस मेडिकल कॉलेज परिसर में पुलिस चौकी मौजूद है और जहां टाइप-सी आवास में पुलिस क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी भी रहते हैं, वहीं चोर बड़ी वारदात को अंजाम देकर निकल गए।
बताया जा रहा है कि चोरी की पूरी घटना CCTV कैमरों में कैद हुई है। इसके बावजूद खबर लिखे जाने तक पुलिस चोरों तक नहीं पहुंच सकी थी। घटना सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
मेडिकल कॉलेज परिसर में पुलिस चौकी की मौजूदगी के बावजूद डॉक्टर के आवास में चोरी होना कई सवाल खड़े कर रहा है। आखिर चोरों ने परिसर में प्रवेश कैसे किया? क्या उन्हें पुलिस की मौजूदगी का डर नहीं था? क्या रात में परिसर की नियमित गश्त हो रही थी?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब परिसर में पुलिस चौकी है और पुलिस क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी का आवास भी मौजूद है, तो चोर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर फरार कैसे हो गए? चोरी की घटना CCTV कैमरों में कैद होने की बात सामने आई है। ऐसे में फुटेज पुलिस के लिए बेहद अहम सुराग साबित हो सकती है। फुटेज से संदिग्धों की पहचान, उनकी संख्या, आने-जाने का रास्ता और वारदात के समय की गतिविधियों का पता लगाया जा सकता है।
लेकिन CCTV फुटेज सामने आने के बावजूद अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी नहीं हो सकी है। इससे पुलिस की जांच की रफ्तार पर भी सवाल उठ रहे हैं। इतनी संवेदनशील जगह पर चोरी होने के बाद पुलिस को यह भी जांच करनी होगी कि कहीं चोरों को डॉक्टर के आवास और परिसर की गतिविधियों की पहले से जानकारी तो नहीं थी।





