चंदौली : नौकरी और मकान दिलाने का झांसा देकर महिलाओं को सुनसान स्थान पर बुलाकर बंधक बनाने, उनके अश्लील फोटो-वीडियो बनाने और उसे वायरल करने की धमकी देकर धन उगाही करने वाले गिरोह का मुगलसराय पुलिस और साइबर सेल ने सर्विलांस टीम की मदद से पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत तीन पुरुष और एक महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिला खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़िताओं को डराने-धमकाने का काम करती थी।
पुलिस के अनुसार, डायल-112 और एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से महिलाओं को नौकरी एवं मकान दिलाने के नाम पर बंधक बनाकर ब्लैकमेल करने की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। जांच के दौरान मुगलसराय पुलिस और साइबर सेल को एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने की जानकारी मिली।

पुलिस के मुताबिक, 27 अगस्त को दो पीड़िताओं ने मुगलसराय थाने में शिकायत दर्ज कराई। एक पीड़िता ने आरोप लगाया कि 14 मई को नौकरी दिलाने के बहाने उसे रामनगर से डहिया स्थित मकान में ले जाकर करीब दो दिन बंधक रखा गया। वहां मारपीट और गलत हरकत करने के साथ वीडियो बनाकर परिवार को वायरल करने की धमकी दी गई। परिजनों से करीब 30 हजार रुपये मंगवाने के अलावा फोन-पे के जरिए लगभग 75 हजार रुपये भी जबरन ट्रांसफर कराए गए।
दूसरी पीड़िता ने बताया कि 16 अगस्त को ऑनलाइन मकान देखने के बहाने उसे डहिया स्थित मकान में ले जाया गया, जहां तीन पुरुष और एक महिला ने उसे बंधक बनाकर अश्लील वीडियो बनाया और पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। आरोपियों ने उसके पति को फोन कर धमकी दी तथा उसके बैंक खाते से फोन-पे के जरिए 1.14 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। पीड़िता किसी तरह छतों के रास्ते भागकर अपनी जान बचाने में सफल हुई।
एस्कॉर्ट सर्विस में ठगी के बाद बनाई योजना
पुलिस जांच में मुख्य आरोपी विजय कुमार गुप्ता उर्फ रॉकी के बारे में सामने आया कि वह पूर्व में ऑनलाइन एस्कॉर्ट सेवा संचालित करता था। वर्ष 2023 में कथित तौर पर एक महिला से ठगी होने के बाद उसने एस्कॉर्ट महिलाओं से बदला लेने की योजना बनाई। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर महिलाओं को नौकरी और मकान दिलाने के नाम पर बुलाकर फर्जी पुलिस टीम बनकर डराने-धमकाने और उनके अश्लील वीडियो बनाकर धन उगाही का गिरोह तैयार किया।





