नयी दिल्ली, 03 अक्टूबर (कड़वा सत्य) उच्चतम न्यायालय ने जाति के आधार पर कैदियों को काम आवंटित करने के नियम को असंवैधानिक करार देते हुए गुरुवार को कहा कि देश की किसी भी जेल में किसी भी तरह का जातिगत भेदभाव नहीं किया जा सकता।
मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पार्दीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि जेल मैनुअल में इस तरह के भेदभाव को बढ़ावा देने वाले सभी मौजूदा प्रावधानों को खत्म किया जाना चाहिए।
जाति के आधार पर कैदियों को काम देना असंवैधानिक है: सुप्रीम कोर्ट

उत्तर प्रदेश: महिला थाने की काउंसलिंग ने बचाया परिवार, पति-पत्नी ने भुलाए गिले-शिकवे और फिर साथ रहने पर बनी सहमति

मध्यप्रदेश: राजगढ़ में किसानों का प्रदर्शन, फसल बीमा और सोयाबीन मुआवजे की मांग

उत्तर प्रदेश: धानेपुर पुलिस की कार्रवाई, अवैध देशी शराब के साथ एक गिरफ्तार

