नयी दिल्ली 30 जनवरी (कड़वा सत्य) गैर संगठन हेल्पऐज इंडिया ने सार्वभौमिक पेंशन और स्वास्थ्य बीमा पर जोर देते हुए कहा है कि आयुष्मान भारत में 70 वर्ष से अधिक आयु के स्वास्थ्य बीमा को 60 वर्ष से ज्यादा आयु के लोगों को भी उपलब्ध कराना चाहिए।
हेल्पऐज इंडिया ने गुरुवार को अपनी बजट सिफारिशें जारी करते हुए कहा कि स्वास्थ्य बीमा और पेंशन की पहुँच और दायरे पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। सरकार ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना- आयुष्मान भारत के अंतर्गत 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए सार्वभौमिक स्वास्थ्य बीमा जैसे कई सकारात्मक कदम उठाए हैं। इसे 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों तक बढ़ाया जाना चाहिए।
संगठन ने कहा है कि बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम का भुगतान करना आवश्यक है, लेकिन यह वहनीय नहीं है। इसके लिए एक तंत्र विकसित करने की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त, चूंकि जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा 45 से 60 आयु वर्ग (लगभग 20 करोड़) के बीच है, इसलिए कम उम्र में ही स्वास्थ्य बीमा जागरूकता राष्ट्रीय स्तर पर बढायी जानी चाहिए।
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) में केंद्र सरकार के अंशदान में न्यूनतम वृद्धि प्रति लाभार्थी कम से कम 1000 रुपये प्रति माह और 80 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए प्रति लाभार्थी 1500 रुपये प्रति माह की जानी चाहिए। वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी साक्षरता के स्तर को बढ़ाने और डिजिटल उपकरणों और इंटरनेट कनेक्शन तक उनकी पहुँच सुनिश्चित करने की तत्काल आवश्यकता है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयकर छूट सीमा बढ़ाने का भी सुझाव दिया गया है। वरिष्ठ नागरिकों की 10 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को कर मुक्त किया जाए। मध्यम वर्ग के बुजुर्गों के लिए बैंक सावधि जमा (एफडी) ब्याज दरों में वृद्धि की जानी चाहिए और आय को कर मुक्त किया जाना चाहिए क्योंकि यह कई मामलों में उनका मुख्य आधार है।
सत्या,
कड़वा सत्य
पेंशन, स्वास्थ्य बीमा का विस्तार करने की आवश्यकता

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