नयी दिल्ली, 25 अगस्त (कड़वा सत्य) भारत और इंडोनेशिया ने शुक्रवार को जकार्ता में आतंकवाद से मुकाबले पर अपने संयुक्त कार्य समूह की छठी बैठक की।
दोनों पक्षों ने बैठक में आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की कड़ी निंदा की और इसका मुकाबला करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (आतंकवाद-रोधी) के.डी. देवल ने किया। जबकि इंडोनेशियाई पक्ष का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी एजेंसी के उप, अंधिका क्रिसनायुधंतो ने किया।
यहां जारी एक बयान में कहा गया कि भारत और इंडोनेशिया ने बैठक के दौरान व्यापक और निरंतर तरीके से आतंकवाद से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। दोनों पक्षों ने सीमा पार आतंकवाद के लिए छद्म आतंकवादियों के इस्तेमाल की भी निंदा की।
दोनों देशों ने घरेलू क्षेत्रीय और वैश्विक आतंकवाद खतरे के आकलन पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने आतंकवादियों द्वारा नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग, आतंकवादी उद्देश्यों के लिए इंटरनेट के दुरुपयोग, आतंक के वित्तपोषण और संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच सांठगांठ से संबंधित आतंकवाद विरोधी चुनौतियों पर चर्चा की।
उन्होंने वैश्विक आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र, एआरएफ और आसियान जैसे क्षेत्रीय, वैश्विक और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
आतंकवाद के खिलाफ चल रहा सहयोग भारत-इंडोनेशिया साझेदारी का एक महत्वपूर्ण पहलू है। बयान में कहा गया है कि दोनों पक्ष पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तारीख पर नयी दिल्ली में आतंकवाद से मुकाबले पर जेडब्ल्यूजी की सातवीं बैठक आयोजित करने पर सहमत हुए।
सैनी,
कड़वा सत्य
भारत, इंडोनेशिया ने आतंकवाद से मुकाबले पर संयुक्त कार्य समूह की बैठक की


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