नयी दिल्ली, 01 सितंबर (कड़वा सत्य) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उच्चतम न्यायालय की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसके ध्वज और प्रतीक चिन्ह का रविवार को अनावरण किया।
श्रीमती मुर्मु ने उच्चतम न्यायालय की ओर से आयोजित जिला न्यायपालिका के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन पर ध्वज और प्रतीक चिन्ह विमोचन किया। प्रतीक चिन्ह के तौर पर अशोक चक्र, उच्चतम न्यायालय भवन और भारत के संविधान के प्रतीक स्वरूप किताब की आकृति शामिल हैं।
शीर्ष अदालत के ध्वज पर संस्कृत श्लोक ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ अंकित है। इसका अर्थ है- ‘जहां धर्म है, वहां विजय होगी।’
ध्वज के ऊपरी हिस्से में अशोक चक्र, बीच में उच्चतम न्यायालय भवन की आकृति और नीचे के हिस्से में संविधान के प्रतीक स्वरूप किताब का रेखा चित्र है।
भारत मंडपम में आयोजित इस सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को किया था।
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कड़वा सत्य
मुर्मु ने सुप्रीम कोर्ट के ध्वज व प्रतीक चिन्ह का किया अनावरण

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