नयी दिल्ली/श्रीनगर 27 दिसंबर (कड़वा सत्य) सरकार ने मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसरत आलम गुट) को विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1967 की धारा 3 (1) के तहत गैरकानूनी संगठन घोषित कर दिया है।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यह संगठन और इसके सदस्य जम्मू कश्मीर में राष्ट्रविरोधी और अलगाववादी गतिविधियों मे शामिल हैं और जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधियों तथा लोगों को भड़काकर वहां इस्लामिक शासन स्थापित करने को समर्थन देने में लिप्त हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का संदेश एकदम स्पष्ट है कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ कार्य करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उसे कानून के तहत कठोरतम सज़ा दी जाएगी।
मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसरत आलम गुट) संगठन और इसके सदस्य जम्मू और कश्मीर में राष्ट्रविरोधी और अलगाववादी गतिविधियों मे शामिल हैं तथा जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों एवं लोगों को भड़काकर वहां इस्लामिक शासन स्थापित करने को समर्थन देने में लिप्त हैं। इस संगठन के सदस्य लोगों को भड़काकर जम्मू और कश्मीर में इस्लामिक शासन स्थापित करना चाहते हैं, जो भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता के लिए हानिकारक है। इस संगठन के खिलाफ विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1967, भारतीय दंड संहिता, 1860, आर्म्स एक्ट, 1959 और रनबीर दंड संहिता, 1932 की विभिन्न धाराओं के तहत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत,केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा इस वर्ष अब तक चार संगठनों को आतंकी संगठन, छह लोगों को आतंकवादी और दो संगठनों को विधिविरुद्ध संगठन घोषित किया जा चुका है।
संजीव.संजय
मुस्लिम लीग जम्मू-कश्मीर (मसरत आलम गुट) गैरकानूनी संगठन घोषित

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