बिहार

किशनगंज: श्रमिकों को मिलेगा वेतन से सुरक्षा तक अधिकारों का कवच, नए श्रम कोड पर विशेष प्रशिक्षण

किशनगंज में नए श्रम कोड पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें श्रमिकों को वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल सुरक्षा के अधिकारों की जानकारी दी गई।

Sonu Nigam· 1 Nov, 12:31 PM · 2 मिनट
किशनगंज: श्रमिकों को मिलेगा वेतन से सुरक्षा तक अधिकारों का कवच, नए श्रम कोड पर विशेष प्रशिक्षण

किशनगंज में श्रमिकों के जीवन को बेहतर बनाने और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की ओर से शुक्रवार को चार नए श्रम कोड पर एक दिवसीय जागरूकता-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों को उचित मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल पर एक सुरक्षित माहौल सुनिश्चित कराना था। कार्यक्रम की शुरुआत जिलाधिकारी नवीन कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर की।

इस प्रशिक्षण सत्र के दौरान यह बताया गया कि भारत सरकार ने पुराने 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को खत्म कर उन्हें चार व्यापक श्रम संहिताओं (Labour Codes) में समेट दिया है। ये चारों संहिताएं 21 नवंबर 2025 से प्रभावी हो चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य इन कानूनों को सरल बनाना है ताकि रोजगार व्यवस्था में पारदर्शिता आए और श्रमिकों को मिलने वाली सुविधाएं पहले से बेहतर हों।

चारों श्रम संहिताओं की मुख्य बातें

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने चारों कोड्स के प्रावधानों को विस्तार से समझाया, जो इस प्रकार हैं:

  • मजदूरी संहिता 2019: इसमें न्यूनतम मजदूरी तय करने, समय पर वेतन का भुगतान और समान काम के लिए समान वेतन देने पर जोर दिया गया है।
  • औद्योगिक संबंध संहिता 2020: इसका उद्देश्य नियोक्ताओं और श्रमिकों के बीच तालमेल बढ़ाना और औद्योगिक विवादों को जल्दी सुलझाना है।
  • सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020: इसके तहत ईपीएफ (EPF), ईएसआई (ESI) और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाओं की जानकारी दी गई। खास बात यह है कि इसमें अब गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है।
  • व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता 2020: इसमें सुरक्षित कार्यस्थल, नियमित स्वास्थ्य जांच और नियुक्ति पत्र जैसे अनिवार्य प्रावधानों पर चर्चा हुई।

प्रशिक्षण के दौरान प्रवासी श्रमिकों के कल्याण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने जहां श्रमिकों को उनके हक और सरकारी योजनाओं के बारे में बताया, वहीं नियोक्ताओं को उनके कानूनी कर्तव्यों की याद दिलाई ताकि किसी भी श्रमिक का शोषण न हो। इस मौके पर पूर्णिया प्रमंडल के उप श्रम आयुक्त, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, सिविल सर्जन और श्रमिक संघों के प्रतिनिधि सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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