Samsung Solve for Tomorrow 2026: 4 टीमों ने जीते 2 करोड़ रुपये, छोटे शहरों के टैलेंट ने मारी बाजी

भारत के युवाओं में छिपे इनोवेशन और तकनीक के प्रति जुनून को बढ़ावा देने के लिए सैमसंग इंडिया ने 'Samsung Solve for Tomorrow 2026' के ग्रैंड फिनाले का आयोजन किया। नई दिल्ली में 16 अक्टूबर को संपन्न हुए इस कार्यक्रम में चार बेहतरीन टीमों को विजेता घोषित किया गया, जिन्हें कुल 2 करोड़ रुपये के इंक्यूबेशन ग्रांट से नवाजा गया है। यह प्रतियोगिता न केवल तकनीकी कौशल की परीक्षा थी, बल्कि डिजिटल इंडिया और स्किल इंडिया के सपनों को साकार करने की एक कोशिश भी थी।
इस छह महीने तक चले प्रोग्राम की सबसे खास बात यह रही कि इसमें देश के 28 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों के 648 शहरों से प्रविष्टियां आईं। हैरानी और खुशी की बात यह है कि टॉप सबमिशन में से 50% से ज्यादा आइडियाज टियर-2 और टियर-3 शहरों से आए, जो यह साबित करता है कि प्रतिभा अब केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है।
इन चार इनोवेटिव आइडियाज ने जीता दिल और इनाम
प्रतियोगिता के विजेताओं ने ऐसी समस्याओं पर काम किया जो समाज और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी हैं। विजेताओं की सूची इस प्रकार है:
- QuantHunt (रायबरेली, उत्तर प्रदेश): इस टीम ने साइबर सुरक्षा के लिए एक उन्नत AI-आधारित समाधान विकसित किया है।
- morphism (रायपुर, छत्तीसगढ़): इन्होंने एक ऐसा AI सिस्टम बनाया है जो ऑटिस्टिक व्यक्तियों को भावनाओं को समझने और पहचानने में मदद करेगा।
- InnoBotix (नई दिल्ली): इस टीम ने 'Sentinel' नाम का एक सोलर-पावर्ड AI एज डिवाइस तैयार किया है, जो वन्यजीवों और इंसानों के बीच होने वाले टकराव को रोकने में मददगार होगा।
- Somatrace (हैदराबाद, तेलंगाना): इन्होंने एथलीटों के लिए एक IoT ट्रेनिंग टूल बनाया है, जो स्पाइनल एंगल को ट्रैक कर चोट के जोखिम को कम करता है।
जीतने वाली इन चारों टीमों को अब IIT दिल्ली के 'फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर' (FITT) में मेंटरशिप और इंक्यूबेशन सपोर्ट मिलेगा, ताकि वे अपने प्रोटोटाइप को वास्तविक प्रोडक्ट में बदल सकें।
सैमसंग साउथ वेस्ट एशिया के प्रेसिडेंट और सीईओ जेबी पार्क ने भारत में कंपनी के 30 साल पूरे होने के मौके पर इन युवा इनोवेटर्स को सपोर्ट करने पर गर्व जताया। वहीं, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस और CSR हेड शुभम मुखर्जी ने कहा कि छोटे शहरों से आए टैलेंट ने यह साबित कर दिया है कि अगर अवसर मिले, तो इनोवेशन कहीं भी हो सकता है।
मुख्य पुरस्कारों के अलावा, टॉप 20 टीमों के बीच कुल 20 लाख रुपये और सैमसंग गैलेक्सी स्मार्टफोन बांटे गए। साथ ही, दो 'कम्युनिटी चॉइस अवार्ड्स' (1-1 लाख रुपये) और एक 'डिजिटल इम्पैक्ट अवार्ड' (50,000 रुपये) भी दिए गए। इस पूरी यात्रा के दौरान 135 शहरों में 184 डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप आयोजित की गईं, और अंतिम चयन NITI आयोग, IIT दिल्ली और MeitY जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा किया गया।