औरंगाबाद, सासाराम और डिहरी में सुधरेगी जलापूर्ति, सरकार खर्च करेगी 2014.65 करोड़ रुपये
बिहार के औरंगाबाद, सासाराम और डिहरी में पेयजल सुविधाओं को सुधारने के लिए सरकार 2014.65 करोड़ रुपये खर्च करेगी। जानें पूरी योजना।

बिहार के औरंगाबाद, सासाराम और डिहरी क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार इन इलाकों में पेयजल सुविधाओं के विस्तार और जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 2014.65 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है, क्योंकि नाबार्ड द्वारा इस दिशा में 1774.98 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और राज्य के विकास की गति को बढ़ाना है। यह पूरी परियोजना ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास निधि के तहत लागू की जाएगी, जिससे इन तीन प्रमुख क्षेत्रों में पानी की किल्लत दूर होगी।
सोन नदी के पानी से बुझेगी प्यास, 12 लाख आबादी को मिलेगा लाभ
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसे 'जल-जीवन-हरियाली' अभियान के उद्देश्यों के साथ जोड़कर तैयार किया गया है। परियोजना के तहत सोन नदी के सतही जल का सही तरीके से उपयोग किया जाएगा, ताकि भू-जल (Ground Water) पर निर्भरता को कम किया जा सके और जल संरक्षण को बढ़ावा मिले।
योजना के लक्ष्यों पर बात करते हुए बताया गया कि:
- वर्तमान में इस परियोजना के माध्यम से लगभग 8 लाख लोगों को पेयजल की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
- भविष्य की जरूरतों को देखते हुए लक्ष्य रखा गया है कि साल 2051 तक इस क्षेत्र की लगभग 12 लाख आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह नागरिकों को पर्याप्त और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस कदम से न केवल लोगों का जीवन आसान होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम साबित होगा।