राजनीति

"चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में पेश किया झूठों का पुलिंदा", योगेंद्र यादव ने दागे 7 सवाल

राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए 7 सवाल पूछे हैं और 'वोट चोरी' का मुद्दा उठाया है।

Sonu Nigam· 29 Oct, 9:19 PM · 2 मिनट
"चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में पेश किया झूठों का पुलिंदा", योगेंद्र यादव ने दागे 7 सवाल

राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि वोटर लिस्ट में संशोधन को लेकर चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के सामने "झूठों का पुलिंदा" पेश किया है। यादव का कहना है कि जब तक आयोग उनके द्वारा उठाए गए सात महत्वपूर्ण सवालों के पारदर्शी जवाब नहीं देता, तब तक 'वोट चोरी' के आरोप पीछा नहीं छोड़ेंगे।

मीडिया से बात करते हुए योगेंद्र यादव ने आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों से चुनाव आयोग के खिलाफ जो सवाल उठाए जा रहे थे, उनके जवाब में आयोग ने अदालत को गुमराह किया है।

योगेंद्र यादव ने आयोग से पूछे ये 7 तीखे सवाल

योगेंद्र यादव ने अपनी मांगों और सवालों को विस्तार से रखते हुए आयोग को घेरने की कोशिश की। उनके मुख्य सवाल इस प्रकार हैं:

  • निर्णय प्रक्रिया: SIR पर फैसला किस दिन, किसके अधिकार से और कहां लिया गया? इसका दस्तावेजी सबूत पेश किया जाए।
  • फॉर्म 6 में बदलाव: यदि आयोग का दावा है कि फॉर्म 6 में कोई संशोधन नहीं किया गया, तो उस अतिरिक्त घोषणा पत्र का क्या मतलब था जिसे आयोग ने पेश किया था?
  • ERO की शक्तियां: अगर चुनाव आयोग का कहना है कि उसने इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (ERO) की शक्तियां नहीं छीनीं, तो गोवा और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) बार-बार यह क्यों लिख रहे थे कि "कृपया मेरे ERO को यह शक्ति प्रदान करें"?
  • बंगाल का मामला: पश्चिम बंगाल में एक ही मिनट के भीतर लाखों आवेदन और अपील कैसे दाखिल हो गए? वह कौन सा अधिकारी था जिसने इन्हें फाइल किया और इतनी जल्दी फैसला कैसे लिया गया?
  • सॉफ्टवेयर और SOP: लॉजिकल विसंगतियों (logical discrepancy) को पकड़ने के लिए कौन सा सॉफ्टवेयर इस्तेमाल हो रहा है? नोटिस जारी करने की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) क्या है?
  • बल्क डिलीशन: फॉर्म 7 भारी मात्रा में कैसे भरे गए? किस कानून के तहत एक सरकारी अधिकारी फॉर्म 7 जमा कर सकता है?
  • पीलीभीत का मामला: पीलीभीत में थोक में फॉर्म 8 फाइल करने की क्या प्रक्रिया थी? इस बात की क्या गारंटी है कि ऐसा पूरे देश में नहीं हो रहा?

योगेंद्र यादव ने चेतावनी दी कि इन सवालों के जवाब न मिलने तक चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा डगमगाता रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी 1 नवंबर को रामलीला मैदान में एक विशाल रैली आयोजित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि अब अलग-अलग विरोध प्रदर्शन खत्म हो गए हैं और INDIA गठबंधन, युवा संगठन, नागरिक समाज और CJP एक मंच पर आ गए हैं। इस महा-रैली की केवल तीन मुख्य मांगें हैं: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) का इस्तीफा, 2023 के कानून को रद्द करना और SIR को वापस लेना।

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