तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी की बड़ी अपील, निवेशकों से कहा- राज्य में अपना निवेश दोगुना करें
सीएम रेवंत रेड्डी ने इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट 2026 के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया और राज्य को 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए एक बेहद दिलचस्प और साहसी आह्वान किया है। नई दिल्ली में 'इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट 2026' के Curtain-raiser इवेंट को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने निवेशकों से अपील की कि वे राज्य में अपने प्रस्तावित निवेश की राशि को दोगुना कर दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार व्यापार की वृद्धि में हर संभव मदद करेगी और प्रशासनिक बाधाओं को पूरी तरह खत्म करेगी।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों से सीधे संवाद करते हुए कहा, "मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि पहले यह तय करें कि आप तेलंगाना में कितना निवेश करना चाहते हैं। एक बार जब आप किसी आंकड़े पर पहुंच जाएं, तो उस राशि को दोगुना कर दें। अपनी विकास की उम्मीदों और होने वाले मुनाफे के अनुमान को भी दोगुना करें।" उन्होंने स्पष्ट किया कि निवेश की सुरक्षा और रुकावटों को दूर करना उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी।
2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने का लक्ष्य
रेवंत रेड्डी ने राज्य के भविष्य के लिए एक बड़ा विजन 'तेलंगाना राइजिंग 2047' पेश किया, जो केंद्र सरकार के 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य के अनुरूप है। मुख्यमंत्री ने बताया कि तेलंगाना का लक्ष्य 2034 तक 1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है। उन्होंने कहा कि यदि भारत 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनता है, तो तेलंगाना का योगदान राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का कम से कम 10 प्रतिशत होना चाहिए, जबकि वर्तमान में यह लगभग 5 प्रतिशत है।
हैदराबाद की ऐतिहासिक विरासत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह शहर 400 साल पहले से ही एक वैश्विक व्यापारिक केंद्र रहा है। उन्होंने हैदराबाद पब्लिक स्कूल का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे इस शहर ने सत्या नडेला (माइक्रोसॉफ्ट सीईओ), अजय बंगा (वर्ल्ड बैंक प्रेसिडेंट) और शांतनु नारायण (एडोब सीईओ) जैसे वैश्विक लीडर्स दिए हैं।
केंद्र और राज्य सरकार के बीच तालमेल पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के लिए सहयोग जरूरी है। उन्होंने हैदराबाद को चेन्नई, बेंगलुरु और पुणे से जोड़ने वाले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, वारंगल और आदिलाबाद में नए हवाई अड्डों, रीजनल रिंग रोड और मेट्रो विस्तार जैसे प्रोजेक्ट्स का उदाहरण दिया, जिन्हें केंद्र का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का काम आर्थिक गतिविधियों में हस्तक्षेप करना नहीं, बल्कि व्यवसायों के लिए अवसर पैदा करना और बाधाओं को हटाना है।
बता दें कि 'इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट 2026' का आयोजन 7 से 9 दिसंबर तक हैदराबाद के भारत फ्यूचर सिटी में किया जाएगा, जिसमें दुनिया भर के उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं के शामिल होने की उम्मीद है।