बिहार विधान परिषद चुनाव: धनबल-बाहुबल पर भारी पड़ा कार्यकर्ता बल, सुशासन पर जनता का भरोसा
बिहार विधान परिषद चुनाव में NDA की ऐतिहासिक जीत पर जदयू नेता राकेश कुमार ओझा ने खुशी जताई और इसे सुशासन की जीत बताया।

बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर राज्य की राजनीति में एनडीए (NDA) के दबदबे को साबित कर दिया है। इस शानदार जीत के बाद जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश कुमार ओझा ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने इस चुनावी सफलता को बिहार की जनता द्वारा सुशासन और विकास के प्रति जताया गया भरोसा बताया है।
राकेश कुमार ओझा ने सभी विजयी उम्मीदवारों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना की। उन्होंने प्रेस को जारी एक बयान में कहा कि यह ऐतिहासिक जीत दरअसल निशांत कुमार और सम्राट चौधरी की जोड़ी के प्रति लोगों के अटूट विश्वास का नतीजा है। ओझा के मुताबिक, एनडीए की एकजुटता ने इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाई है, जिससे यह साफ हो गया है कि बिहार के प्रबुद्ध मतदाता सशक्त नेतृत्व और विकास के साथ खड़े हैं।
नीरज कुमार की जीत को बताया कार्यकर्ताओं का सम्मान
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में नीरज कुमार की लगातार चौथी बार हुई जीत पर विशेष चर्चा करते हुए राकेश कुमार ओझा ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि नीरज कुमार की यह जीत दिखाती है कि जब समर्पित कार्यकर्ता बल और मजबूत नेतृत्व साथ होते हैं, तो धनबल और बाहुबल जैसे हथियारों का कोई असर नहीं होता।
ओझा ने आगे कहा कि नीरज कुमार ने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव, निस्वार्थ जनसेवा और निरंतर संघर्ष के दम पर स्नातक मतदाताओं के दिलों में अपनी जगह बनाई है। उन्होंने इस जीत का श्रेय जमीन पर दिन-रात मेहनत करने वाले उन कार्यकर्ताओं को दिया, जिन्होंने संगठन की मजबूती और शीर्ष नेतृत्व पर भरोसा रखकर इस परिणाम को संभव बनाया।
अंत में, उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी नवनिर्वाचित सदस्य जनता की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे और बिहार की प्रगति व विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।