बिहार में बाढ़ से मुक्ति के लिए JDU ने उठाई 'नेशनल सिल्ट पॉलिसी' की मांग
JDU नेता संजय झा ने गंगा में सिल्ट जमा होने से रोकने के लिए केंद्र से नेशनल सिल्ट पॉलिसी बनाने और फराक्का संधि पर पुनर्विचार की मांग की है।

बिहार में हर साल आने वाली विनाशकारी बाढ़ और कटाव की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए जनता दल (यूनाइटेड) ने केंद्र सरकार के सामने एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। JDU के राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष संजय कुमार झा ने केंद्र से एक व्यापक नेशनल सिल्ट पॉलिसी (राष्ट्रीय गाद नीति) बनाने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि गंगा नदी में जमा हो रही भारी मात्रा में सिल्ट (गाद) और रेत के टीलों की वजह से नदी का प्राकृतिक बहाव रुक गया है, जो बक्सर से लेकर भागलपुर और कटिहार तक तबाही का कारण बनता है।
संजय झा ने इस समस्या की गंभीरता को समझाते हुए कहा कि जब तक नदी के तल से इस सिल्ट को नहीं हटाया जाएगा, तब तक बाढ़ और कटाव का स्थायी समाधान संभव नहीं है। उन्होंने फराक्का बैराज का जिक्र करते हुए बताया कि इसकी वजह से नदी का तल ऊपर उठ गया है, जिससे बिहार के तटीय जिलों में बाढ़ का खतरा कई गुना बढ़ गया है।
फराक्का संधि और पानी के बंटवारे पर उठाए सवाल
नदी की सफाई के साथ-साथ संजय झा ने 1996 की भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। यह संधि दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाली है। JDU नेता का स्पष्ट मानना है कि मौजूदा व्यवस्था बिहार के हितों की रक्षा नहीं कर रही है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जहां बक्सर के रास्ते बिहार में लगभग 400 क्यूसेक पानी आता है, वहीं मौजूदा संधि के तहत बांग्लादेश को 1,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है। यह बड़ा अंतर बिहार के लिए नुकसानदेह है।
संजय झा ने मांग की है कि भविष्य में जब भी इस संधि का नवीनीकरण हो या नया समझौता किया जाए, तो उसमें बिहार की जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि साल 2050 तक की पानी की जरूरतों का आकलन कर ही कोई फैसला लिया जाए।
इन मुद्दों पर जन जागरूकता फैलाने के लिए JDU 'नीतिश संवाद' कार्यक्रम चला रही है। लखीसराय के बाद अब 3 नवंबर 2026 को भागलपुर में इस कार्यक्रम का आयोजन होगा। हाल ही में भागलपुर के नौगचिया subdivision में काजीकोरिया-राघोपुर जमींदारी तटबंध का निरीक्षण करने पहुंचे संजय झा और JDU प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने स्थानीय लोगों और अधिकारियों के साथ इस गंभीर समस्या पर चर्चा की।