'सोशल मीडिया छोड़ संसद आएं', राहुल गांधी की चुनौती पर निर्मला सीतारमण का पलटवार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी से कहा कि सोशल मीडिया के बजाय संसद में EVM और SIR जैसे मुद्दों पर चर्चा करें।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोशल मीडिया पर खुली बहस (डिबेट) के लिए चुनौती देने के बाद सीतारमण ने उन्हें याद दिलाया कि बहस के लिए संसद से बेहतर कोई दूसरा मंच नहीं हो सकता। उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी सोशल मीडिया पर तो बहुत उत्साह दिखाते हैं, लेकिन जब बात संसद में चर्चा की आती है, तो उनका रवैया बदल जाता है।
दरअसल, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोल जारी कर भारतीय युवाओं से पूछा था कि क्या वे प्रधानमंत्री मोदी और उनके बीच आमने-सामने की बहस देखना चाहते हैं। राहुल ने राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और योगी आदित्यनाथ जैसे वरिष्ठ नेताओं को टैग करते हुए प्रधानमंत्री को इस चुनौती को स्वीकार करने के लिए मनाने को कहा था। इसी के जवाब में निर्मला सीतारमण ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
संसद में चर्चा से क्यों बच रहे हैं राहुल गांधी?
निर्मला सीतारमण ने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही विशेष सत्र का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने लिखा, "राहुल जी, आप प्रधानमंत्री से बहस के लिए जगह चुनने को कह रहे हैं। एक जगह पहले से मौजूद है—संसद, जहां आप विपक्ष के नेता हैं। फिर आप सोशल मीडिया पर चुनौती देने के बजाय सदन में बहस के प्रति उत्साह क्यों नहीं दिखाते?"
वित्त मंत्री ने कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन पर संसदीय कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा हुआ है जब सरकार उनके आरोपों का जवाब दे रही थी, लेकिन राहुल गांधी और उनकी पार्टी सदन से वॉकआउट कर गए। सीतारमण ने तंज कसते हुए कहा कि जवाब मांगने का मतलब यह भी होता है कि आप सरकार का जवाब सुनने के लिए तैयार रहें।
इसके अलावा, उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष के आवास पर आयोजित 'मॉक पार्लियामेंट' का जिक्र करते हुए इसे संसद का मजाक बताया। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी के पास ऐसे आयोजनों के लिए समय और उत्साह है, तो असली संसद को भी उतना ही सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि वे केवल आरोपों की सूची न दें, बल्कि सबूतों के साथ अपनी बात रखें और सदन में रहकर सरकार के जवाबों का सामना करें।