युवाओं के जोश से बदलेगा कटिहार: 'एक सप्ताह, एक थीम' के साथ नशामुक्ति अभियान का आगाज
कटिहार में 'एक सप्ताह, एक थीम' के साथ नशामुक्ति अभियान का आगाज हुआ। जानें कैसे चार चरणों में जिले को नशे से मुक्त किया जाएगा।

बिहार के कटिहार जिले को स्वस्थ और सुरक्षित बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। मंगलवार को जिले में एक विशेष जनजागरूकता अभियान की जोरदार शुरुआत हुई, जिसका मकसद समाज को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालना है। कटिहार इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित मुख्य समारोह में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने नशे से दूर रहने और दूसरों को इसके प्रति जागरूक करने की सामूहिक शपथ ली।
इस अभियान की खास बात यह रही कि पटना में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम के जरिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूरे प्रदेश को 'नशामुक्त बिहार' बनाने की प्रतिज्ञा दिलाई, जिससे कटिहार के युवाओं और अधिकारियों में एक नया जोश देखने को मिला।
चार चरणों में चलेगा यह विशेष अभियान
कटिहार जिला प्रशासन ने इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 25 नवंबर तक एक विस्तृत योजना तैयार की है। इस अभियान को 'एक सप्ताह, एक थीम' के आधार पर चार अलग-अलग चरणों में बांटा गया है:
- पहला चरण (27 से 31 अक्टूबर): इसकी थीम 'नगर की प्रतिज्ञा' रखी गई है। शहरी इलाकों में प्रचार वाहनों, नुक्कड़ नाटकों, होर्डिंग्स और सेल्फी पॉइंट्स के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
- दूसरा चरण (01 से 07 नवंबर): 'गाँव का संकल्प' थीम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस होगा। इसमें जीविका दीदियों, ब्रह्माकुमारी संस्थान और ग्राम पंचायतों के माध्यम से चौपाल और बैठकें आयोजित की जाएंगी।
- तीसरा चरण (08 से 16 नवंबर): 'पर्व और परिवार' थीम के तहत महापर्व छठ के दौरान सभी प्रमुख घाटों पर ऑडियो जिंगल्स, वीडियो और पोस्टरों के जरिए श्रद्धालुओं को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
- चौथा चरण (17 से 25 नवंबर): अंतिम चरण 'युवा जोश' थीम पर आधारित होगा। स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता सत्र, वृत्तचित्र प्रदर्शन और निबंध व वाद-विवाद जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि इस अभियान को केवल कागजों तक सीमित न रखकर धरातल पर मजबूती से उतारा जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'सबका सम्मान-जीवन आसान' की सोच के साथ नशामुक्ति का यह संदेश जिले की हर पंचायत और हर टोले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। प्रशासन ने विशेष रूप से महिलाओं, जीविका दीदियों और युवाओं से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है ताकि एक सशक्त और स्वस्थ कटिहार का निर्माण हो सके।