बिहार

सुपौल: रेल सुविधाओं के लिए गढ़ बरुआरी में प्रदर्शन, मांगें न मानी तो होगा रेल चक्का जाम

सुपौल के गढ़ बरुआरी स्टेशन पर रेल सुविधाओं की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन हुआ। प्रशासन के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित, लेकिन चेतावनी जारी।

Sonu Nigam· 27 Oct, 5:02 PM · 2 मिनट
सुपौल: रेल सुविधाओं के लिए गढ़ बरुआरी में प्रदर्शन, मांगें न मानी तो होगा रेल चक्का जाम

बिहार के सुपौल जिले में रेल सुविधाओं के विस्तार और यात्रियों की समस्याओं को लेकर मंगलवार को माहौल गरमा गया। युवा कांग्रेस के बिहार प्रदेश सचिव और जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण कुमार झा के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने गढ़ बरुआरी रेलवे स्टेशन परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सुपौल जिले के साथ रेल सुविधाओं के मामले में लगातार भेदभाव किया जा रहा है।

प्रदर्शन के दौरान माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब प्रदर्शनकारियों ने रेल चक्का जाम करने की घोषणा कर दी। स्थिति को भांपते हुए रेल प्रशासन ने हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर जल्द से जल्द विचार किया जाएगा। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद लक्ष्मण कुमार झा ने फिलहाल के लिए आंदोलन को समाप्त करने का फैसला किया और मंडल रेल प्रबंधक (DRM), समस्तीपुर के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

इन प्रमुख मांगों को लेकर जताया विरोध

लक्ष्मण कुमार झा ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि क्षेत्र के हजारों यात्रियों की बुनियादी जरूरतों से जुड़ा है। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • गढ़ बरुआरी स्टेशन पर वैशाली एक्सप्रेस और जोगबनी–सहरसा एक्सप्रेस का ठहराव सुनिश्चित करना।
  • हाट बाजार एक्सप्रेस का परिचालन सुपौल स्टेशन से शुरू किया जाए।
  • पुरविया एक्सप्रेस का परिचालन स्थायी रूप से ललितग्राम, सरायगढ़ या सुपौल स्टेशन से शुरू हो।
  • ललितग्राम, सरायगढ़ या सुपौल से गढ़ बरुआरी होते हुए पटना के लिए एक अतिरिक्त नाइट ट्रेन चलाई जाए।
  • गढ़ बरुआरी स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज का निर्माण और एकमा रेलवे हॉल्ट के प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाई जाए।

लक्ष्मण झा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि रेल प्रशासन ने उनके आश्वासन को गंभीरता से नहीं लिया और सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो वे दोबारा सड़क पर उतरेंगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जनहित में व्यापक आंदोलन किया जाएगा और इस बार रेल चक्का जाम करने से पीछे नहीं हटेंगे। इस प्रदर्शन में शिवकुमार सिंह, मिश्रीलाल सदा, सावित्री देवी और मोहम्मद मुस्ताक समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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