गुरुग्राम पुलिस की बड़ी कार्रवाई: प्लास्टिक दानों के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा 1.25 करोड़ का गांजा पकड़ा, 2 गिरफ्तार
गुरुग्राम पुलिस ने प्लास्टिक दानों के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा 673 किलो गांजा बरामद किया है। उड़ीसा से भिवाड़ी जा रहे दो तस्कर गिरफ्तार।

नशा तस्करी के खिलाफ अभियान चला रही गुरुग्राम पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने उड़ीसा से राजस्थान के भिवाड़ी ले जाए जा रहे भारी मात्रा में गांजे की खेप को पकड़ा है। बरामद किए गए 673 किलोग्राम गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में पुलिस ने ट्रक चालक और उसके क्लीनर को गिरफ्तार किया है।
यह पूरी कार्रवाई सेक्टर-65 अपराध शाखा के इंचार्ज उप-निरीक्षक अरुण की टीम ने अंजाम दिया। 25 और 26 अक्टूबर की दरमियानी रात जब टीम राजीव चौक के पास गश्त कर रही थी, तभी उन्हें गुप्त सूचना मिली कि राजस्थान नंबर के एक टाटा ट्रक में नशीला पदार्थ ले जाया जा रहा है। पुलिस ने बिना समय गंवाए संदिग्ध ट्रक को रुकवाया और उसकी सघन तलाशी ली।
प्लास्टिक दानों की बोरियों के नीचे छिपाया था नशा
जांच के दौरान पुलिस को ट्रक में प्लास्टिक दानों के 767 बैग मिले। जब पुलिस ने गहराई से तलाशी ली, तो बोरियों के नीचे छिपाकर रखे गए 23 बैग बरामद हुए, जिनमें कुल 673 किलो गांजा भरा था। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल किया गया टाटा ट्रक और 15 पोट भी जब्त कर लिए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 34 वर्षीय साबिर और 19 वर्षीय सनावर के रूप में हुई है, जो राजस्थान के खैरथल जिले के रहने वाले हैं। पूछताछ में पता चला कि ट्रक साबिर का ही है और उसने सनावर को 20 हजार रुपये महीने की तनख्वाह पर क्लीनर रखा था।
हैरान करने वाली बात यह है कि साबिर इस खेप को लाने के लिए फ्लाइट से उड़ीसा गया था। आरोपियों ने कबूल किया कि उन्हें इस डिलीवरी के लिए दो लाख रुपये मिलने वाले थे। यह उनका तीसरा मौका था जब वे इस तरह प्लास्टिक दानों की आड़ में गांजा सप्लाई कर रहे थे। पुलिस ने थाना सदर गुरुग्राम में मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को 10 दिन के रिमांड पर लिया है, ताकि इस तस्करी नेटवर्क के मुख्य सरगनाओं तक पहुँचा जा सके।