त्रिलोकपुरी में 5 दिनों से आ रहा सीवेज जैसा गंदा पानी, निवासियों ने खोला मोर्चा
पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी ब्लॉक-16 में पिछले 5 दिनों से सीवेज जैसा गंदा पानी आ रहा है। निवासियों ने दिल्ली जल बोर्ड से शिकायत की है।

पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में रहने वाले लोगों के लिए पानी की किल्लत से ज्यादा अब पानी की क्वालिटी बड़ी मुसीबत बन गई है। त्रिलोकपुरी के ब्लॉक-16 के निवासी पिछले पांच दिनों से बेहद गंदा और बदबूदार पानी आने की शिकायत कर रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि लोगों का कहना है कि नलों से आने वाला पानी बिल्कुल सीवेज के पानी जैसा दिख रहा है, जिससे इलाके में गंभीर स्वास्थ्य संकट का खतरा मंडराने लगा है।
परेशान निवासियों ने इस समस्या को लेकर दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और अपने स्थानीय प्रतिनिधियों को लिखित शिकायत सौंपी है। लोगों की मांग है कि इस समस्या का कोई स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि उन्हें इस नरकीय स्थिति से निजात मिल सके। हालांकि अभी तक इस प्रदूषण के सटीक कारण का पता नहीं चला है, लेकिन स्थानीय लोगों को शक है कि इलाके में ओवरफ्लो की समस्या की वजह से पानी की लाइनों में गंदगी मिल रही है।
पुरानी पाइपलाइनों ने बढ़ाई मुसीबत
दिल्ली में पानी की लाइनों का पुराना होना एक बड़ी समस्या बन चुका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी के कई इलाकों में पानी के नमूनों में बैक्टीरिया का स्तर काफी ज्यादा पाया गया है। इसका मुख्य कारण शहर का पुराना पाइपलाइन नेटवर्क है, जिसमें से कुछ पाइप 40 साल से भी ज्यादा पुराने हैं। पुराने होने की वजह से सीवर और पानी की लाइनें आपस में मिल जाती हैं, जिससे घरों में गंदा पानी पहुंचता है।
नियमों के मुताबिक, पीने के पानी को IS 10500:2012 मानकों का पालन करना चाहिए, जिसमें पानी के हर 100 मिलीलीटर में ई. कोलाई और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मात्रा शून्य होनी चाहिए। लेकिन त्रिलोकपुरी और मयूर विहार जैसे इलाकों में बार-बार मटमैला और गंदा पानी आने की खबरें सामने आ रही हैं, जो दिल्ली के जर्जर म्युनिसिपल वाटर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की पोल खोलती हैं।