बिहार

अब गांवों में तैयार होंगे नन्हे वैज्ञानिक: कटिहार में नीति आयोग की 'रोबोशाला' शुरू

कटिहार में नीति आयोग की 'रोबोशाला' शुरू हुई है। डीएम आशुतोष द्विवेदी ने लैब का उद्घाटन कर छात्रों को रोबोटिक्स और कोडिंग के लिए प्रेरित किया।

Sonu Nigam· 27 Oct, 3:59 PM · 2 मिनट
अब गांवों में तैयार होंगे नन्हे वैज्ञानिक: कटिहार में नीति आयोग की 'रोबोशाला' शुरू

बिहार के कटिहार जिले के ग्रामीण इलाकों में अब पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। नीति आयोग, नई दिल्ली के सहयोग से जिले के विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक की दुनिया से जोड़ने के लिए 'रोबोशाला' कार्यक्रम की धमाकेदार शुरुआत की गई है। इस पहल का मकसद गांव के बच्चों के भीतर छिपे वैज्ञानिक नजरिए को बाहर लाना और उन्हें भविष्य की आधुनिक तकनीक के लिए तैयार करना है।

इसी कड़ी में मंगलवार को जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी कोढ़ा प्रखंड के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सादलपुर कला पहुंचे। यहां उन्होंने विद्यालय में बनी एक अत्याधुनिक प्रयोगशाला का फीता काटकर उद्घाटन किया। लैब के उद्घाटन के बाद डीएम ने छात्र-छात्राओं के साथ सीधा संवाद किया और उन्हें यह समझाया कि कैसे आधुनिक तकनीक और नवाचार (Innovation) उनके जीवन और करियर को नई दिशा दे सकते हैं।

किताबी ज्ञान के साथ मिलेगा प्रैक्टिकल अनुभव

इस कार्यक्रम के जरिए स्कूली बच्चों को कोडिंग, रोबोटिक्स और विज्ञान व प्रौद्योगिकी से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों से रूबरू कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने जोर देते हुए कहा कि 'रोबोशाला' का मुख्य उद्देश्य बच्चों में तार्किक सोच, रचनात्मकता और समस्याओं को सुलझाने की क्षमता विकसित करना है। अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को किताबी ज्ञान तो मिलता है, लेकिन व्यावहारिक अनुभव की कमी रहती है। यह लैब बच्चों को वह मौका देगी कि वे खुद प्रयोग करें और तकनीक को करीब से समझें।

छात्रों से बातचीत के दौरान डीएम ने उन्हें प्रेरित किया कि वे नई तकनीकों के साथ प्रयोग करने से न डरें और नवाचार आधारित गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि जब बच्चे तकनीकी शिक्षा से जुड़ते हैं, तो उनकी जिज्ञासा बढ़ती है और सीखने की प्रक्रिया बोझिल होने के बजाय रोचक और असरदार हो जाती है।

जिला प्रशासन का मानना है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और ग्रामीण परिवेश के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यह एक दूरगामी कदम साबित होगा। अब कटिहार के छोटे-छोटे गांवों से भी ऐसे नन्हे वैज्ञानिक निकलेंगे जो देश की तकनीकी प्रगति में अपना योगदान देंगे।

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