मधुबनी में ASI की फायरिंग से बवाल: एक ग्रामीण की मौत, गुस्से में लोगों ने DM का पकड़ा कॉलर
बिहार के मधुबनी में ASI की गोलीबारी से एक ग्रामीण की मौत के बाद भारी तनाव। गुस्से में आए लोगों ने DM का कॉलर पकड़ा, पुलिस बल तैनात।

बिहार के मधुबनी जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक पुलिस अधिकारी की गोलीबारी ने पूरे इलाके को तनाव की आग में झोंक दिया है। मधुबनी के बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ गांव में हुई इस घटना के बाद लोगों का गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने जिला प्रशासन के बड़े अधिकारियों के साथ बीच सड़क पर तीखी झड़प की। इस हिंसक घटना में एक ग्रामीण की जान चली गई है, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
पूरी घटना 3 नवंबर की रात की है। आरोप है कि स्थानीय पुलिस पिकेट पर तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) चंद्र मोहन गलत इरादे से एक महिला के घर में घुस गया था। जब ग्रामीणों को इसकी भनक लगी, तो उन्होंने ASI को घेर लिया और उसे एक कमरे में बंद कर दिया। खुद को घिरा देख ASI ने अपनी सर्विस पिस्टल से ताबड़तोड़ 4 से 6 राउंड फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में 50 वर्षीय अशोक यादव गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, धनिकलाल यादव, फूलो देवी और विजेंद्र यादव भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।
प्रशासन पर फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर जताया विरोध
मंगलवार को जब इस घटना की खबर फैली, तो ग्रामीणों का सब्र टूट गया। आक्रोशित लोगों ने सड़कों को जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को संभालने के लिए जब जिला मजिस्ट्रेट (DM) आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक (SP) योगेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे, तो उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। भीड़ इतनी उग्र थी कि एक महिला ने DM का कॉलर पकड़ लिया और कई लोग अधिकारियों की तरफ चप्पलें लहराने लगे। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए अधिकारियों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला।
फिलहाल इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जिसे देखते हुए जिले के सभी सात SDPO समेत 500 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन ने आरोपी ASI चंद्र मोहन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। साथ ही उसकी सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ASI फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमें गठित की गई हैं और सूचना देने वाले के लिए 25,000 रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और 'स्पीड ट्रायल' के जरिए आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा, जिसमें मौत की सजा की संभावना भी शामिल है, दिलवाई जाएगी।