बिहार

दंगों से निपटने के लिए औरंगाबाद में RAF और पुलिस की बड़ी मॉक ड्रिल, देखा एक्शन

औरंगाबाद के ओबरा में RAF और स्थानीय पुलिस ने दंगों और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए संयुक्त मॉक ड्रिल की।

Sonu Nigam· 3 Nov, 2:14 PM · 2 मिनट
दंगों से निपटने के लिए औरंगाबाद में RAF और पुलिस की बड़ी मॉक ड्रिल, देखा एक्शन

बिहार के औरंगाबाद जिले के ओबरा में मंगलवार को सुरक्षा बलों ने अपनी ताकत और तैयारी का प्रदर्शन किया। दंगों और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 114वीं बटालियन और ओबरा पुलिस स्टेशन की टीम ने मिलकर एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना, उपद्रवियों को रोकना और संकट में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना था।

इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व कंपनी ऑफिसर दुर्गा नंदन श्रीवास्तव और डिप्टी कमांडेंट ने किया। ड्रिल के दौरान असिस्टेंट कमांडेंट प्रवीण कुमार के साथ बड़ी संख्या में RAF के जवान और स्थानीय पुलिस बल मौजूद रहे। पूरी कवायद को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत अंजाम दिया गया, ताकि वास्तविक स्थिति में कोई चूक न हो।

ऐसे हुआ ऑपरेशन का संचालन

मॉक ड्रिल को अलग-अलग चरणों में बांटा गया था। सबसे पहले एक संवेदनशील इलाके की पहचान कर उसे चारों तरफ से घेर लिया गया। इसके बाद, अचानक उपजे हंगामे और उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की गई। जवानों ने दंगाइयों को दबाने, इलाके की घेराबंदी करने और संघर्ष क्षेत्र में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की तकनीकों का अभ्यास किया।

अधिकारियों ने इस बात पर खास ध्यान दिया कि घटना की सूचना मिलने के बाद टीम कितनी जल्दी मौके पर पहुंचती है और स्थिति का आकलन कर कितनी तेजी से प्रतिक्रिया देती है। इस संयुक्त अभ्यास का एक बड़ा लक्ष्य RAF और जिला पुलिस के बीच तालमेल और संचार को और अधिक मजबूत करना था।

सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के नियमित प्रशिक्षण सत्र ऑपरेशनल तैयारी को बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी हैं। यह अभ्यास न केवल कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा, बल्कि वास्तविक संकट के समय आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी कारगर साबित होगा।

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