पुणे मेट्रो प्रोजेक्ट्स का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, सीएम बोले- अर्बन मोबिलिटी का मॉडल बनेगा शहर
पीएम मोदी ने 21,800 करोड़ के पुणे मेट्रो प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। सीएम फडणवीस बोले- पुणे बनेगा अर्बन मोबिलिटी का मॉडल सिटी।

महाराष्ट्र की राजधानी के पास बसे पुणे शहर के लिए यातायात की मुश्किलें अब कम होने वाली हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करीब 21,800 करोड़ रुपये की लागत वाले पुणे मेट्रो प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भरोसा जताया कि मेट्रो के इस विस्तार से पुणे शहर 'अर्बन मोबिलिटी' यानी शहरी आवाजाही के क्षेत्र में पूरे देश के लिए एक मॉडल सिटी बनकर उभरेगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि पुणे में कुल 120 किलोमीटर की मेट्रो लाइनें या तो पूरी हो चुकी हैं या फिर उनका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि महाराष्ट्र देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां 12 नगर निगम क्षेत्रों में मेट्रो सेवाएं या तो शुरू हो चुकी हैं या निर्माणाधीन हैं।
आईटी प्रोफेशनल्स को ट्रैफिक से मिलेगी राहत
इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा पुणे के हिंजेवाड़ी और उसके आसपास के इलाकों को होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंजेवाड़ी को देश की आईटी राजधानी माना जाता है और यहां काम करने वाले लाखों लोग रोजाना भारी ट्रैफिक जाम में फंसते हैं। कई आईटी प्रोफेशनल्स को ऑफिस पहुंचने में एक से दो घंटे का समय लग जाता था। अब मेट्रो लाइन 3 (पिंक लाइन) के शुरू होने से उनकी यह समस्या खत्म होगी।
इस परियोजना की कुछ खास बातें इस प्रकार हैं:
- पिंक लाइन का उद्घाटन: 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी यह लाइन मान से जिला कोर्ट मेट्रो स्टेशन को जोड़ेगी।
- ग्रीन मेट्रो: मेट्रो लाइन 3 अपनी ऊर्जा जरूरतों का 30 प्रतिशत हिस्सा खुद पैदा करेगी, जिससे यह पर्यावरण के अनुकूल होगी।
- फेज-2 का शिलान्यास: पीएम मोदी ने लगभग 13,500 करोड़ रुपये की लागत वाले फेज-2 की आधारशिला भी रखी, जिसमें लाइन 2A, 2B, 4 और 4A शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत सरकार ने न केवल इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी, बल्कि इसके लिए जरूरी 'वायबिलिटी गैप फंडिंग' भी उपलब्ध कराई, जबकि महाराष्ट्र सरकार ने जमीन अधिग्रहण का काम संभाला। अब इस नेटवर्क के विस्तार से शहर के रिहायशी, व्यावसायिक और आईटी केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।