बिहार

बिहार में राजपूतों का भरोसा कम, किसी के कहने पर नहीं छोड़ेंगे उम्मीदवारी: राजीव प्रताप रूडी

भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने बिहार की राजनीति और राजपूत समाज के भरोसे पर बड़ा बयान दिया है। जानें उन्होंने क्या कहा।

Sonu Nigam· 3 Nov, 7:08 PM · 2 मिनट
बिहार में राजपूतों का भरोसा कम, किसी के कहने पर नहीं छोड़ेंगे उम्मीदवारी: राजीव प्रताप रूडी

सारण पहुंचे भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद राजीव प्रताप रूडी ने बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और सामाजिक समीकरणों पर बेहद बेबाक टिप्पणी की है। जिला दिशा समिति की बैठक के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए रूडी ने साफ शब्दों में कहा कि आज के समय में बिहार के राजपूत समाज का किसी भी नेता पर इतना अटूट विश्वास नहीं रह गया है कि उनके कहने मात्र से कोई अपनी उम्मीदवारी वापस ले ले।

जब पत्रकारों ने उनसे यह सवाल पूछा कि क्या उनके प्रभाव से कोई उम्मीदवार अपनी दावेदारी छोड़ सकता था, तो रूडी ने दो-टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में ऐसी परिस्थिति फिलहाल नजर नहीं आती कि मेरे या किसी और नेता के कहने पर कोई पीछे हट जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसे महत्व देना है और कब देना है, यह पूरी तरह से भाजपा संगठन द्वारा तय किया जाता है।

गठबंधन की हार पर जताया दुख

राजीव प्रताप रूडी ने राजग समर्थित जदयू उम्मीदवार की हार को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह वास्तव में चिंता का विषय है कि गठबंधन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी और तमाम कोशिशें कीं, लेकिन इसके बावजूद प्रत्याशी जीत हासिल नहीं कर सके। रूडी ने स्वीकार किया कि इस नतीजे से कार्यकर्ताओं में निराशा है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला ही सबसे ऊपर होता है।

भविष्य की राजनीति और गठबंधन की मजबूती पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में राजग पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व और नीतीश कुमार के मार्गदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि राज्य सरकार शानदार काम कर रही है। रूडी ने भरोसा जताया कि अगर भविष्य में कोई मतभेद होते भी हैं, तो गठबंधन के वरिष्ठ नेता आपसी तालमेल से उन्हें सुलझा लेंगे। वहीं, एक निर्दलीय उम्मीदवार के भाजपा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने इसे संगठन का आंतरिक निर्णय बताया।

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