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भारत बनेगा दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, अर्थशास्त्री जेफरी सैक्स ने बताया रास्ता

मशहूर अर्थशास्त्री जेफरी सैक्स ने भविष्यवाणी की है कि सही सिद्धांतों और निवेश के साथ भारत आने वाले दशकों में दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।

Sonu Nigam· 3 Nov, 6:04 PM · 2 मिनट
भारत बनेगा दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, अर्थशास्त्री जेफरी सैक्स ने बताया रास्ता

मशहूर अर्थशास्त्री प्रोफेसर जेफरी डी. सैक्स ने भारत के आर्थिक भविष्य को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा है कि यदि भारत सही सिद्धांतों पर चलता रहा, तो आने वाले दशकों में वह दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। सैक्स का मानना है कि भारत की लंबी अवधि की विकास संभावनाएं बेहद मजबूत हैं और वैश्विक आर्थिक उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी, जो फिलहाल करीब 8-9 प्रतिशत है, लगातार बढ़ती रहेगी।

प्रोफेसर सैक्स ने स्पष्ट किया कि इस मुकाम तक पहुँचने के लिए भारत को कुछ खास क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर भारत अपने युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने, बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने और जलवायु सुरक्षा (क्लाइमेट सेफ्टी) सुनिश्चित करने में निवेश जारी रखता है, तो वह दुनिया का सबसे बड़ा आर्थिक पावरहाउस बन जाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत की विशाल जनसंख्या इस विकास की यात्रा में एक बड़ी ताकत साबित होगी, जिसका सकारात्मक असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

वैश्विक राजनीति और भारत की भूमिका

अर्थव्यवस्था के साथ-साथ जेफरी सैक्स ने बदलती वैश्विक व्यवस्था पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों के दबदबे का दौर अब खत्म हो चुका है और दुनिया एक 'मल्टीपोलर सिस्टम' (बहुध्रुवीय व्यवस्था) की ओर बढ़ रही है। उनका मानना है कि अमेरिका, भारत, चीन और रूस जैसी बड़ी शक्तियों को एक-दूसरे के खिलाफ गठबंधन बनाने के बजाय आपसी सहयोग और सम्मान के साथ काम करना चाहिए।

सैक्स ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के चार्टर का पालन करने की वकालत की और कहा कि वैश्विक शांति के लिए आपसी सम्मान जरूरी है। इसी कड़ी में उन्होंने भारत की बढ़ती अहमियत को देखते हुए उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का स्थायी सदस्य बनाने की मांग की, ताकि वैश्विक संस्थाएं और अधिक मजबूत हो सकें।

तकनीक के मोर्चे पर बात करते हुए उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा कि AI का इस्तेमाल निर्माण के लिए भी हो सकता है और विनाश के लिए भी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि इसे कैसे नियंत्रित किया जाता है। उन्होंने AI के सैन्यीकरण का विरोध करते हुए इसे जनहित में उपयोग करने की सलाह दी।

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