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मल्लिकार्जुन खड़गे हेट स्पीच मामला: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ हेट स्पीच मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। फैसला 20 नवंबर को आएगा।

Sonu Nigam· 31 Oct, 1:07 PM · 2 मिनट
मल्लिकार्जुन खड़गे हेट स्पीच मामला: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ कथित हेट स्पीच मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह मामला अप्रैल 2023 में कर्नाटक की एक चुनावी रैली के दौरान दिए गए भाषण से जुड़ा है, जिसे आपत्तिजनक बताया गया था। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और लिखित जवाब दाखिल होने के बाद यह कदम उठाया है। अब इस मामले में अंतिम आदेश 20 नवंबर को सुनाया जाएगा।

दरअसल, यह पूरी कानूनी लड़ाई आरएसएस सदस्य रविंदर गुप्ता द्वारा दायर एक रिवीजन याचिका से शुरू हुई। रविंदर गुप्ता ने तीस हजारी कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ शिकायत को खारिज कर दिया था। तीस हजारी कोर्ट ने पहले यह माना था कि खड़गे का बयान किसी समुदाय या धर्म को निशाना बनाकर नहीं दिया गया था, इसलिए इसमें हेट स्पीच का कोई मामला नहीं बनता और एफआईआर के आदेश से इनकार कर दिया था।

खड़गे ने कोर्ट के अधिकार क्षेत्र पर उठाए सवाल

इस मामले में मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से दाखिल जवाब में न केवल आरोपों को सिरे से नकारा गया, बल्कि कोर्ट के अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) पर भी सवाल उठाए गए। खड़गे के वकीलों ने तर्क दिया कि राउज एवेन्यू कोर्ट के पास इस रिवीजन याचिका पर सुनवाई का अधिकार नहीं है, क्योंकि यह तीस हजारी कोर्ट के मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेश के खिलाफ है। जवाब में कहा गया कि विशेष अदालतें सांसदों और विधायकों के मामलों की सुनवाई तो कर सकती हैं, लेकिन उन्हें रिवीजन क्षेत्राधिकार नहीं मिलता, क्योंकि न्यायिक मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) उनके अधीनस्थ नहीं होता।

कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़ाने के जो आरोप लगाए गए हैं, उनका कोई आधार नहीं है। जवाब में कहा गया कि आईपीसी की धारा 153A, 153B, 295A और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कोई अपराध नहीं हुआ है, इसलिए इस याचिका को खारिज किया जाना चाहिए। अब सबकी नजरें 20 नवंबर पर टिकी हैं, जब स्पेशल जज रूबी नीरज कुमार इस मामले में अपना फैसला सुनाएंगी।

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